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ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल होने वाली राफेल की SCALP और रूसी S400 मिसाइलें खरीदेगा भारत, DAC ने दी मंजूरी

LHC0088 1 hour(s) ago views 594
  

राफेल के लिए SCALP मिसाइलें खरीदेगा भारत।  



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने राफेल जेट के लिए लंबी दूरी की SCALP मिसाइलों और रूस में बने S400 एरियल शील्ड सिस्टम के लिए और मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक सरकारी सोर्स के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि डीएसी से 114 राफेल जेट खरीदने की मंजूरी मिलने के एक दिन बाद डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को कहा कि यह पहली बार होगा जब फ्रेंच फाइटर जेट फ्रांस के बाहर बनाए जाएंगे और भारत को उनकी डिलीवरी 2028 से शुरू होगी। इसकी शुरुआत नेवल वेरिएंट और फिर IAF वेरिएंट से होगी।
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई निर्णायक भूमिका

गहराई तक हमला करने के लिए डिजाइन की गईं 250 किमी. की रेंज वाली SCALP एयर-लॉन्च मिसाइलों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए किया गया था। वहीं, एस-400 सिस्टम ने पिछले साल मई में पाकिस्तान की क्रूज मिसाइलों वाले हवाई हमलों को नाकाम किया था।

SCALP मिसाइलें टर्मिनल फेज में इनर्शियल नेविगेशन, GPS, टेरेन-रेफरेंस नेविगेशन और एक इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर के कॉम्बिनेशन से लैस हैं। इन मिसाइलों ने पाकिस्तान के आतंकी और मिलिट्री बेस पर एकदम सही हमला किया था।
रक्षा सचिव ने क्या कहा?

रक्षा सचिव ने बताया, “यह 114 राफेल जेट के लिए एक गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील होगी, कोई बिचौलिया नहीं होगा, प्रोजेक्ट में पूरी ट्रांसपेरेंसी होगी और एयरक्राफ्ट में भारतीय हथियारों और भारतीय सिस्टम को इंटीग्रेट करने का पूरा अधिकार होगा।“

36 राफेल जेट और 26 मरीन राफेल के लिए पहले की डील में फ्रेंच सरकार ने भारत को एयरक्राफ्ट के रडार और वेपन सिस्टम के लिए जरूरी सोर्स कोड नहीं दिया था, जिससे भारत की देसी मिसाइलों को इंडिपेंडेंटली इंटीग्रेट करने की क्षमता सीमित हो गई थी।

हालांकि, डिफेंस सेक्रेटरी के बयान से यह साफ हो गया कि 114 राफेल जेट के लिए भारत को किसी सोर्स कोड की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उसके पास देसी मिसाइलों को इंटीग्रेट करने का पूरा अधिकार होगा।
सफरान के सीईओ ने क्या कहा?

वही, पेरिस में फ्रेंच इंजन बनाने वाली कंपनी सफरान के सीईओ ओलिवियर एंड्रीज ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी लोकल प्रोडक्शन के लिए देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत में एक इंजन असेंबली लाइन बनाने के लिए तैयार है। डसॉल्ट एविएशन जेट के लिए M-88 इंजन बनाने वाली सफरान भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री को सपोर्ट करने के लिए लोकल सप्लायर्स से पार्ट्स भी खरीदेगी।

यह भी पढ़ें: 114 राफेल और छह P-8I एयरक्राफ्ट की डील पर मुहर, रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला
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