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लखनऊ में सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट्स, मंडलायुक्त ने 15 फरवरी तक सुधारने का दे दिया अल्टीमेटम

cy520520 2025-12-30 20:57:09 views 1046
  



जागरण संवाददाता, लखनऊ। मंडल में सबसे अधिक ब्लैक स्पाट्स लखनऊ में ही हैं। मंगलवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सामने आया कि मंडल में कुल 273 ब्लैक स्पाट्स हैं जिसमें लखनऊ में इनकी संख्या 75 है। यह संख्या तब है जब आए दिन अधिकारी सड़क सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी करते रहते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

लखनऊ के बाद 67 ब्लैक स्पाट्स के साथ दूसरे नंबर पर हरदोई है। मंडलायुक्त डा विजय विश्वास पंत ने सभी ब्लैक स्पाट्स को 15 फरवरी तक सुधार करने का अल्टीमेटम दिया।

सड़क दुर्घटनाओं के मामले में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन है। लगातार दुर्घटनाओं को रोकने के लिए योजनाएं बन रही हैं लेकिन विभागों की विफलता के कारण आंकड़ा घट नहीं रहा। मंडल के दूसरे जिलों की बात करें तो रायबरेली में 45, सीतापुर में 28, लखीमपुर खीरी में 25, उन्नाव में 33 और हरदोई में 67 ब्लैक स्पाट्स चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक 149 ब्लैक स्पाट्स लोक निर्माण की सड़कों पर हैं। इसके अलावा 122 ब्लैक स्पाट्स भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मे हैं।

मंडलायुक्त ने अफसरों को पहले के निर्णयों का अनुपालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाने पड़ेगी। ब्लैक स्पाट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्य जैसे साइनेज, स्पीड ब्रेकर, रोड मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था एवं आवश्यकतानुसार बैरियर आदि को पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा ओवर लोडिंग भी है। इस पर मंडलायुक्त ने अफसरों को निर्देश दिए कि टोल प्लाजा पर ओवरलोड माल वाहनों की प्रभावी रोकथाम की जाए। मंडलायुक्त ने एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निर्देश दिए कि टोल प्लाजा पर पकड़े गए ओवरलोड माल वाहनों की विस्तृत सूची परिवहन विभाग को पाक्षिक आधार पर नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। यह सूची मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों के संभागीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ व आरटीओ) को समय से भेजी जाए।

राह-वीर योजना के तहत घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले दस लोगों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद कर अस्पताल पहुंचाने वालों को राह वीर योजना के तहत पचीस हजार रुपये की धनराशि देने के दस प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। योजना के तहत कुल 15 प्रस्तावों पर विचार किया गया जिसमें से दस स्वीकृत हो गए।

इसके साथ ही मंडलायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों को बुलाकर विशेष अवसरों पर सम्मानित कराया जाए और योजना का व्यापक प्रचार प्रसार भी कराया जाए अधिकांश लोगों को इस योजना के बारे में जानकारी ही नहीं है। केंद्र सरकार ने गोल्डन आवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वालों के लिए यह योजना शुरू की थी।
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