प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, औरैया। इस समय जिला संयुक्त चिकित्सालय में ब्लड बैंक संचालित है। ब्लड की सबसे अधिक जरूरत चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज में पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की ओर से ब्लड बैंक के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जिसे शासन की ओर से मंजूरी भी मिल गई है। साथ ही ब्लड बैंक के लिए 2.30 करोड़ का बजट भी स्वीकृत हो गया है। मेडिकल प्रशासन ने लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक बनने के बाद जनपद में दो ब्लड बैंक हो जाएंगे। लोगों को नए साल में यह सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वर्षों इंतजार के बाद जनपद के लोगों को शहर के जिला संयुक्त चिकित्सालय में ब्लड बैंक की सुविधा मिलने लगी है। हालांकि जिला अस्पताल में ऑपरेशन आदि न होने के चलते ब्लड की खपत नहीं होती है। जब कभी किमी मरीज को ब्लड की जरूरत पड़ती है।
निजी अस्पतालों में भी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध न होने से खून की डिमांड कम रहती है। हालांकि मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार के ऑपरेशन होने लगे हैं। जिसके चलते वहां खून की अधिक आवश्यकता रहती है। ऐसे में वहां भर्ती मरीजों को तत्काल ब्लड मुहैया कराने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से करीब तीन महीने पहले शासन काे ब्लड बैंक का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था।
जिसे मंजूरी भी मिल चुकी है। इतना ही नहीं ब्लड बैंक के लिए शासन से 2.30 करोड़ का बजट भी स्वीकृत हो गया है। ब्लड बैंक के लिए कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल काम करेगी। टीम द्वारा ब्लड बैंक के लिए 100 शैय्या जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग का चयन किया गया है।
उम्मीद लगाई जा रही है कि नए साल में लोगों को मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक की सुविधा मिलने लगेगी। ब्लड के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने बताया कि शासन से ब्लड बैंक को स्वीकृत मिल गई है। कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को चयनित किया गया है।
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