इनकम टैक्स के बाद अब सरकार कॉरपोरेट फाइलिंग्स में बड़े रिफॉर्म करने जा रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के तहत कंपनियों और LLP फर्म्स के लिए कंप्लायंस आसान बनाने के लिए अमेंडमेंट लाया जा सकता है ताकि MCA पोर्टल पर दाखिल किए जाने वाले फॉर्म्स को छोटा और आसान बनाया जा सके। इस पर ज्यादा डिटेल के साथ सीएनबीसी-आवाज संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि सरकार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कॉरपोरेट फाइलिंग्स में बड़े रिफॉर्म की तैयारी में है। इसके लिए सबसे पहले तो RoC के तहत मौजूदा फॉर्म्स का रेशनलाइजेशन होगा।
आलोक प्रियदर्शी ने आगे कहा कि इनकम टैक्स के बाद अब कंपनियों और एलएलपी फॉर्म्स के लिए जो मौजूदा कॉरपोरेट फाइलिंग्स के नॉर्म्स हैं उसमें सरकार बड़े रिफॉर्म की तैयारी कर रही है। सीएनबीसी आवाज को सूत्रों से जानकारी मिली है कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ के तहत जितने भी अलग-अलग फॉर्म्स हैं सरकार उसको रैशनलाइज कर सकती है। इसके लिए जल्द ही कंपनीज़ एक्ट और एलएलपी एक्ट में अमेंडमेंट लाया जा सकता है।
सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक खासतौर पर पूरा फोकस डीक्रिमिनलाइजेशन पर है। साथ ही साथ जो मौजूदा फीस स्ट्रक्चर है उसको भी आसान बनाने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा कंप्लायंस की प्रक्रिया को भी आसान बनाया जा सकता है जिससे कंपनियों और एलएलपी फर्म्स की तमाम रेगुलेटरी फाइलिंग्स आसान हो जाएगी। दरअसल अभी तक करीब 60 से ज्यादा ऐसे फॉर्म्स होते हैं जो एमसीए के पोर्टल पर अलग-अलग मौकों पर जमा करने होते हैं। लेकिन अब कई फॉर्म्स को छोटा किया जा सकता है ताकि एक ही जानकारी को बार-बार भरने की जरूरत ना पड़े।
सूत्रों के मुताबिक इन सब चीजों में बदलाव करने के लिए कैबिनेट नोट तैयार किया गया है। एमसीए की तरफ से जल्द ही कैबिनेट नोट लाने के बाद इसको बजट सत्र के दूसरे हिस्से में पेश किया जा सकता है ताकि मौजूदा फॉर्म्स में बदलाव किया जा सके। इन सभी सुधारों के लिए कंपनीज एक्ट और LLP एक्ट में संशोधन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय जल्द ही इस पर कैबिनेट नोट भेजेगा। बजट सत्र के दूसरे हिस्से में ये अमेंडमेंट लाया जा सकता है।