गुलधर स्थित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गुलधर स्थित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एटीडीसी) में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) जारी करने की प्रक्रिया इन दिनों सख्त जांच के दौर से गुजर रही है। एक दिसंबर से सेंसर आधारित ड्राइविंग ट्रैक लागू होने के बाद लाइसेंस बनवाना अब पहले जैसा आसान नहीं रह गया है। इसका असर आंकड़ों में साफ नजर आ रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
परिवहन विभाग के अनुसार अक्टूबर और नवंबर में जहां कुल 7,345 स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए थे, वहीं दिसंबर में सेंसर ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद महज 60 आवेदक ही सफल हो सके।
दो दिसंबर से 31 दिसंबर तक 606 आवेदकों की बायोमेट्रिक और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पूरी हुई, लेकिन इनमें से केवल करीब 10 प्रतिशत ही सेंसर आधारित ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट पास कर पाए। जबकि 543 आवेदकों के टेस्ट अभी भी पेंडिंग है।
प्रतिदिन केवल एक या दो आवेदक हो रहे सफल
एटीडीसी केंद्र पर हालात यह हैं कि प्रतिदिन केवल एक या दो आवेदक ही सफल हो रहे हैं। कई बार ऐसा भी हुआ है जब पूरे दिन में एक भी आवेदक ड्राइविंग टेस्ट पास नहीं कर सका। इसके विपरीत सेंसर सिस्टम लागू होने से पहले लाइसेंस जारी करने की गति काफी तेज थी। उस समय ड्राइविंग टेस्ट संभागीय निरीक्षक (आरआइ) द्वारा अस्थायी ट्रैक पर लिया जाता था, जिससे बड़ी संख्या में आवेदक सफल हो जाते थे।
आवेदकों का कहना है कि सेंसर युक्त ट्रैक जरूरत से ज्यादा जटिल बना दिया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एडीटीसी केंद्रों पर आवेदकों को नियमों और सेंसर सिस्टम की पूरी जानकारी दी जा रही है। नया सिस्टम सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर लागू किया गया है और इसके जरिए योग्य चालकों को ही लाइसेंस दिया जाएगा।
अक्टूबर से 20 दिसंबर तक बने स्थायी लाइसेंस का विवरण
माह हल्के मोटर वाहन लाइसेंस बाहरी मोटर वाहन लाइसेंस
अक्टूबर
3,218
274
नवंबर
3,661
192
दिसंबर
60
0
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