search

कुंभ का पुण्‍य प्रयागराज माघ मेले में बटोरने का मौका, विराजेंगे भगवान विश्वनाथ के चल स्वरूप ‘कुंभेश्वर महादेव’

Chikheang 2 hour(s) ago views 128
  

श्रीकाशी विश्वेश्वर के चल स्वरूप ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ मेलापर्यंत संगम क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। कुंभ नगरी प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर लगने वाले माघ मेले में भगवान श्रीकाशी विश्वनाथ भी विराजेंगे। श्रीकाशी विश्वेश्वर के चल स्वरूप ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ मेलापर्यंत संगम क्षेत्र में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर धाम में ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ का रुद्राभिषेक किया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

रुद्राभिषेक के बाद ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ ने समारोहपूर्वक विशेष वाहन से माघ मेला क्षेत्र के लिए प्रस्थान किया। वे वहां श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास शिविर में विशेष रूप से निर्मित मंदिर में विराजेंगे। प्रयागराज के संगम क्षेत्र में माघ मेला पौष पूर्णिमा, शनिवार तीन जनवरी से आरंभ होगा। इस ल‍िहाज से कुंभ का भी व‍िशेष लाभ प्रयागराज आने वाले भक्‍तों को म‍िलेगा।  

धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि पिछले वर्ष महाकुंभ में भी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास शिविर में काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ के स्वरूप में स्थापित किए गए थे। ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ भगवान विश्वनाथ के चल स्वरूप में पूजित होते हैं।

  

अन्य दिनों में बाबा ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ काशी में ही विराजते हैं, लेकिन कुंभ मेला के समय कुंभ परिक्षेत्र में स्थापित होते हैं। इस वर्ष से माघ मेला स्नान पर्व में भी ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास शिविर में विराजेंगे।

माघ मेला, जो कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संगम क्षेत्र में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जो अपने पापों से मुक्ति के लिए यहां आते हैं।

  

इस बार माघ मेले में ‘श्रीकुंभेश्वर महादेव’ की उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। भक्तजन इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। माघ मेला में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो इस मेले की भव्यता को और बढ़ाएंगे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, माघ मेला में स्नान करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मेले में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे सुरक्षित और सुखद अनुभव कर सकें। इस प्रकार, माघ मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और एकता का प्रतीक भी है। श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ, यह मेला हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित होता है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
145896

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com