लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए कोडरमा जिला प्रशासन ने छात्रहित में विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
संवाद सहयोगी, झुमरीतिलैया (कोडरमा)। कोडरमा जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने छात्रहित में बड़ा और अहम फैसला लिया है।
सुबह और शाम के समय अत्यधिक ठंड के कारण खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए शीतकालीन अवकाश की घोषणा की गई है, जिससे विद्यार्थियों को राहत मिल सके। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने ली राहत की सांस
निदेशक, झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेएसईआरटी), रांची के निर्देशानुसार जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में 5 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है।
इस आदेश के बाद जिले के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां अब 6 जनवरी से पुनः शुरू होंगी।
निजी विद्यालयों के लिए भी आदेश
सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ जिला प्रशासन ने निजी विद्यालयों के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार जिले के सभी निजी विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक की पढ़ाई 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक बंद रहेगी। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया है।
आदेश उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अवकाश संबंधी आदेश का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों पर नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी विद्यालय को निर्धारित अवधि में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। जिला जनसंपर्क कार्यालय को आदेश के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभिभावकों ने जताई संतुष्टि
अवकाश की घोषणा के बाद अभिभावकों में संतोष देखने को मिला। उनका कहना है कि अत्यधिक ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता है। इस निर्णय से बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने का अवसर मिलेगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें और मौसम सामान्य होने तक उन्हें घर पर सुरक्षित रखें। साथ ही विद्यालय प्रबंधन से भी निर्देशों का पूर्ण पालन करने की अपेक्षा की गई है। |