ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका को क्या मिला? इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने खोल दी पोल
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका का ग्रेट बनाने के लिए कई देशों पर टैरिफ (Trump Tariff) थोपा। सबसे ज्यादा टैरिफ भारत और ब्राजील पर है। दोनों देशों से अमेरिका 50-50 फीसदी टैरिफ वसूल रहा है। वहीं, भारत से जाने वाली कुछ दवाओं पर अमेरिका 100 फीसदी तक टैरिफ वसूल रहा। लेकिन टैरिफ लगाकर अमेरिका को क्या मिला? इसका जवाब भारतीय मूल के प्रसिद्ध इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया और बताया कि आखिर अमेरिका को टैरिफ से क्या फायदा हुआ है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
टैरिफ लगाकर अमेरिका ने क्या पाया?
भारत में जन्मीं गीता गोपीनाथ ने एक्स पर पोस्ट करके सिर्फ 4 प्वाइंट्स में समझा दिया कि टैरिफ से ट्रंप ने क्या कमाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- “मुक्ति दिवस“ टैरिफ लागू हुए छह महीने हो गए हैं। अमेरिकी टैरिफ से क्या हासिल हुआ है?
It is 6 months since “Liberation day“ tariffs. What have US tariffs accomplished?
1. Raise revenue for government? Yes. Quite substantially. Borne almost entirely by US firms and passed on some to US consumers. So it has worked like a tax on US firms/consumers.
2. Raise… pic.twitter.com/KZG3UgKB3S— Gita Gopinath (@GitaGopinath) October 6, 2025
1. सरकार का राजस्व बढ़ा? हाँ। काफी हद तक। लगभग पूरी तरह से अमेरिकी फर्मों द्वारा वहन किया गया और कुछ अमेरिकी उपभोक्ताओं को दिया गया। इस प्रकार, टैरिफ अमेरिकी फर्मों/उपभोक्ताओं पर एक टैक्स की तरह काम किया है।
2. मुद्रास्फीति बढ़ी? हाँ, कुल मिलाकर थोड़ी मात्रा में। घरेलू उपकरणों, फर्नीचर और कॉफी के लिए और भी ज्यादा।
3. व्यापार संतुलन में सुधार? अभी तक इसका कोई संकेत नहीं है।
4. अमेरिकी विनिर्माण में सुधार? अभी तक इसका कोई संकेत नहीं है।
टैरिफ लगाने वाले ट्रंप को गीता गोपीनाथ ने कितना स्कोर दिया?
गीता गोपीनाथ ने अपनी पोस्ट में बताया कि टैरिफ लगाने से ट्रंप का स्कोरकार्ड निगेटिव में रहा। ट्रंप 0 नंबर भी नहीं पा पाए। निगेटिव जीरो से कम होता है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ट्रंप ने टैरिफ लगाकर कुछ नहीं हासिल किया। बल्कि कुछ न कुछ खोया ही है।
अब ट्रंप ने ट्रकों पर लगाया टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका में आयातित सभी मध्यम और भारी ट्रकों पर 1 नवंबर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। इस प्रकार, उन्होंने अमेरिकी निर्माताओं को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने के अपने प्रयासों को और तेज कर दिया।
यह टैरिफ कदम मुख्यतः यूरोपीय वाहन निर्माताओं को प्रभावित करेगा, जो कई अमेरिकी बाजार में वाणिज्यिक वाहनों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहे हैं। उद्योग विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस निर्णय से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हो सकती हैं और अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ सकती हैं।
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