जागरण संवाददाता, सोनीपत। हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विधवाओं को उद्यमिता योजना लागू की है। इस योजना के तहत महिलाओं की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए बैंकों के जरिए तीन लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत विधवा महिलाओं की पारिवारिक वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम और आवेदन के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होगी, वही इस स्कीम की पात्र होंगी।
इसके अलावा आवेदन पहले से लिए गए किसी ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत समय पर किस्त का भुगतान करने पर तीन वर्षों तक सात प्रतिशत ब्याज अनुदान राशि हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत डेरी उद्योग विभाग की सूची में शामिल नकारात्मक गतिविधियों और केवीआइबी को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों में यातायात वाहन के तहत ऑटो रिक्शा, छोटा सामान ढोने के वाहन, थ्री-व्हीलर, ई-रिक्शा, टैक्सी, सामाजिक व व्यक्तिगत सेवा गतिविधियों के तहत सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटिक, फोटो कॉपी की दुकान, पापड़ बनाना, आचार बनाना, हलवाई की दुकान, फूड स्टाल, आइसक्रीम बनाने की यूनिट, बिस्कुट बनाना, हैंडलूम, बैग बनाना, कैंटीन सर्विस आदि काम शुरू कर सकती हैं।
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इस योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों में आवेदन पत्र, राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट आकार फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिर्पोट, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट व अनुभव प्रमाण पत्र शामिल हैं। |