नोटिस देते कर्मचारी
जागरण संवाददाता, संभल। जामा मस्जिद के पास स्थित कब्रिस्तान की 4780 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। संभवत: 22 से 28 हो गए हैं। उधर, प्रशासन ने 48 लोगों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में अपने-अपने अभिलेख प्रस्तुत करने का समय दिया है। इस दौरान पुलिस भी वहां पर मौजूद रही।
बता दें कि श्री कल्कि सेना (निष्कलंक दल ) के राष्ट्रीय संयोजक एवं अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्यागी ने 12 दिसंबर को डीएम से शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि कब्रिस्तान की गाटा संख्या- 32/2 नान जेड ए की भूमि है। जो, 80 के दशक से खाली और पहले टीले भी बने हुए थे।
उन्होंने दावा किया कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर को लेकर सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में भी कब्रिस्तान की भूमि पर बने इन मकान-दुकानों की छत पर चढ़कर ही उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया था। शिकायत में कहा गया है कि राजस्व अभिलेखों में इस भूमि की जो चौहद्दी है। उसके मुताबिक पूर्व, पश्चिम और उत्तर में सड़क है बाकी दक्षिण में जामा मस्जिद स्थित है।
वहां पर लगभग 60 साल पहले अवैध कब्जा कर मकान-दुकानें बनाए गए हैं। 26 दिसंबर को एसडीएम रामानुज ने इस प्रकरण में डीएम के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में तीन नायब तहसीलदार बब्बू कुमार, दीपक कुमार, अरविंद कुमार, चार राजस्व निरीक्षक पंकज गुप्ता, सुरेंद्र सिंह, अवनीश कुमार, चंद्रपाल सिंह के अलावा 22 लेखपालों की एक टीम गठित कर 30 दिसंबर को पैमाइश करवाते हुए 22 लोगों को चिन्हित किया था। कागजों में यहां पर सिर्फ कब्रिस्तान है, जबकि मौके पर मकान और दुकानें बने हुए मिले हैं।
जिलाधिकारी के मुताबिक इस जमीन पर नान जेए-ए और संयुक्त प्रांत काश्तकारी अधिनियम 1939 लागू होता है। धारा-67 के तहत मुकदमा चलेगा। जिसमें दोनों पक्षों को अभिलेख दिखाने का मौका भी मिलेगा। एसडीएम रामानुज ने बताया कि कब्रिस्तान पर कब्जा करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। बाकी शुक्रवार को नोटिस वितरित भी करवाए गए हैं। जिसमें 15 दिन के भीतर अभिलेख प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।
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