महिलाओं के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए 26 नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित
डिजिटल डेस्क, पटना। महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा की स्थिति में अब सहयोग टीम तुरंत सहायता पहुंचाएगी। समाज कल्याण विभाग के महिला एवं बाल विकास निगम की पहल पर राज्यभर में 26 नए वन स्टॉप सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनके पूरा होने के बाद प्रदेश में कुल केंद्रों की संख्या 65 हो जाएगी। फिलहाल 39 केंद्र संचालित हैं।
हर जिले में सुविधा, पटना में दो केंद्र
वर्तमान में सभी जिलों में एक-एक और पटना में दो वन स्टॉप सेंटर कार्यरत हैं। प्रत्येक केंद्र में 13 प्रशिक्षित कर्मियों की टीम तैनात है। ये टीम पीड़ित महिलाओं को आश्रय, चिकित्सा सहायता, भोजन, कपड़े, मनो-सामाजिक परामर्श और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराती है। नए केंद्र अनुमंडल मुख्यालयों में स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से सेवाएं प्राप्त कर सकें।
तीन वर्षों में 20 हजार से अधिक मामलों का निपटारा
पिछले तीन वर्षों में इन केंद्रों पर 23,585 मामले दर्ज हुए, जिनमें 20 हजार से अधिक का सफल निष्पादन किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 7,517 मामलों में से 6,599 का निपटारा हुआ। 2024-25 में 8,888 में से 7,185 मामलों का समाधान किया गया। वहीं 2025-26 में जनवरी तक 7,180 मामलों में 6,322 का निष्पादन हो चुका है।
181 और 112 से जुड़ी त्वरित सहायता
पीड़ित महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर सहायता मांग सकती हैं। वन स्टॉप सेंटरों को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम 112 से भी जोड़ा गया है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कौशल विकास योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
संरक्षण से पुनर्वास तक समेकित व्यवस्था
वन स्टॉप सेंटर एक समेकित सहायता तंत्र के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां पीड़िता को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। जरूरत पड़ने पर विभिन्न विभागों से समन्वय कर राहत दिलाई जाती है। समाधान के बाद छह माह तक सतत निगरानी की जाती है। जिला स्तर पर समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाती है, जबकि निगम स्तर पर साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाती है। |