LHC0088 • 2025-10-7 21:06:40 • views 1048
घरों में अब पंखे भी धीमे हो गए हैं और चादर-कंबल का इस्तेमाल शुरू हो गया है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। विगत दिनों लगातार रह रहकर हो रही बरसात की वजह से तापमान में कमी होने की वजह से अब मौसम का रुख बदल चुका है। शरद पूर्णिमा के ठीक अगले दिन वातावरण में कोहरे जैसी स्थिति नजर आई। आसमान में धूप भी देर से झांकी तो कुहासा और कोहरे का मेल गुलाबी ठंडक ही नहीं बल्कि ठंड का संकेत देता नजर आया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मौसम विभाग ने पूर्व में ही मानसून के बीतने के बाद गुलाबी ठंडक की दस्तक का संकेत दिया था। मौसम का रुख गुलाबी ठंडक की ओर मंगलवार से स्पष्ट नजर आने लगा। वातावरण में ठंडी हवाओं का जोर रहा तो तापमान में भी कमी आई। वातावरण में सुबह सर्द हवाओं ने दस्तक दी और बाहर आसमान में कुहासे की स्थिति ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर एक विमान को भी डायवर्ट करने की नौबत सीजन में पहली बार ला दी।
मौसम विभाग के अनुसार बीते दिनों हुई भारी बारिश की वजह से तापमान में कमी आई है। वहीं हवाओं में सिहरन का असर दो दिन पूर्व से ही नजर आने से शरद के आगमन का संकेत हो चुका था। मंगलवार को तापमान में उतार चढ़ाव का कुछ असर तो रहा लेकिन वातावरण की शीतलता और हवाओं में सिहरन ने शरद ऋतुु के आगमन का संकेत देना आरंभ कर दिया है। वहीं वातावरण में आर्द्रता में कमी की वजह से सर्दी का संकेत स्पष्ट नजर आने लगा है।
घरों में एसी और कूलर बंद होने के बाद अब पंखे भी धीमे हो गए हैं। जबकि कई लोग पंखा सुबह होते ही बंद करने लगे हैं। दूसरी ओर घरों में पंखे चल भी रहे हैं तो चादर, कंबल का प्रयोग होने लगा है। माना जा रहा है कि दीपावली के बाद घरों में रजाई भी निकलने लगेगी। मंगलवार की सुबह अकेले बनारस ही नहीं बल्कि चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, सोनभद्र, मऊ और मीरजापुर में भी कई इलाकों में कुहासा जैसी स्थिति नजर आई है। जबकि अंचलों में फूटते कांस के फूलों ने ठंड का संकेत दे दिया है।
मंगलवार की सुबह वाराणसी में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.1 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम रहा। जबकि इस दौरान आर्द्रता न्यूनतम 80 फीसद और अधिकतम 85 फीसद दर्ज की गई। माना जा रहा है कि तापमान में कमी ठंड का ही संकेत है। |
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