नगर निगम मुख्यालय फरीदाबाद। जागरण
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। प्रॉपर्टी आईडी में सब-डिवीजन का नियम लागू करके लोगों की परेशानियां बढ़ाने के साथ निगम ने अपने खजाने पर भी उलझनों का ताला लगा दिया है। छोटे प्लाट खरीदने वाले लोग टैक्स जमा करवाने के लिए भटक रहे हैं। लेकिन सब-डिवीजन नहीं होने के चलते उनका टैक्स जमा नहीं हो पा रहा है, जिसकी वजह से निगम को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जनवरी माह में होने वाली मीटिंग में पार्षदों ने भी इस मद को लगाया है। पार्षदों का कहना है कि निगम को सब-डिवीजन के नियम से राहत देनी चाहिए। नवंबर माह में सब-डिवीजन का नियम लागू किया गया था। तब से केवल सात जोन में छोटे प्लाट की केवल एक प्रॉपर्टी आईडी तैयार हो पाई है। निगम अधिकारी लोगों की समस्याओं का संज्ञान लेने को ही तैयार नहीं है।
प्लानिंग ब्रांच को करना है सब-डिवीजन
प्रॉपर्टी आईडी का सब-डिवीजन प्लानिंग ब्रांच को करना है। लेकिन ब्रांच के अधिकारियों को ही नियम की स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं है। ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि सब-डिवीजन करने को लेकर आदेश तो जारी हुए है। लेकिन उसके लिए क्या क्या प्रक्रिया की जानी है। इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए फाइल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में घूम रही है। एक फाइल को पास होने में एक माह से अधिक का समय लग रहा है।
पिछले दो साल में छोटे प्लाट खरीदने वालों की बढ़ी परेशानी
शहरी स्थानीय निकाय के आदेश अनुसार, बिना सब-डिवीजन के प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जाएगी, जिन लोगों ने 2023 के बाद टुकड़ों में प्लाट खरीदे हैं। उनके लिए सब-डिवीजन करवाना जरूरी है। अगर बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलर ने बिना सब-डिवीजन कराए ही प्लाट को टुकड़ों में बेच दिया हैं तो खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा।
इस समय प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए सात जोन में कैंप लगाए जा रहे हैं। निगम कर्मचारियों के अनुसार, ही हर कैंप से प्रतिदिन आठ से 10 लोग मायूस होकर वापस लौट रहे हैं।
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मेरे वार्ड में सब-डिवीजन लागू होने के बाद एक भी आईडी नहीं बनी है। लोग काफी परेशान हो रहे हैं। प्लानिंग ब्रांच को ही सब-डिवीजन करने को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है। सदन की होने वाली बैठक में इस मद को उठाया जाएगा। - दीपक यादव, वार्ड-42
सब-डिवीजन में आ रही समस्याओं को लेकर निगम अधिकारियों की बैठक ली गई है। जल्द ही इसको लेकर कोई समाधान निकाला जाएगा। - सलोनी शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम |