एआई से ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो इन \“Hidden Cons\“ को न करें इग्नोर (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल हम में से ज्यादातर लोग अपनी छुट्टियों का प्लान बनाने के लिए ट्रेवल एजेंट के पास जाने के बजाय सीधे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद लेते हैं। बस एक प्रॉम्प्ट डाला- “मनाली के लिए 3 दिन का प्लान बनाओ“- और पलक झपकते ही पूरा शेड्यूल तैयार। सुनने में यह जितना आसान लगता है, कभी-कभी यह उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है।
बेशक एआई एक शानदार टूल है, लेकिन यह एक रोबोट है, कोई इंसान नहीं जो उस जगह घूम कर आया हो। अगर आप भी अपनी अगली ट्रिप पूरी तरह AI के भरोसे प्लान कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल खास आपके लिए ही है। जी हां, अपना बैग पैक करने से पहले ये 5 बातें जरूर जान लें (5 Tips For Planning Trip With AI), नहीं तो आपका खुशनुमा सफर परेशानी में बदल सकता है।
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पुराना डेटा
एआई के पास हमेशा रियल-टाइम या ताजा जानकारी नहीं होती। हो सकता है कि वह आपको किसी मशहूर म्यूजियम या कैफे जाने की सलाह दे, जो छह महीने पहले ही बंद हो चुका हो। या फिर वह आपको सुबह 9 बजे जाने को कहे, जबकि वह जगह 11 बजे खुलती हो। जी हां, एआई अक्सर पुराने डेटा पर काम करता है, इसलिए किसी भी जगह जाने से पहले गूगल मैप्स या उनकी वेबसाइट पर ताजा समय और खुलने के दिन जरूर चेक कर लें।
टाइट शेड्यूल
एआई को थकान नहीं होती, लेकिन आपको होती है। अक्सर एआई ऐसे टाइट शेड्यूल बना देता है जो इंसानों के लिए पूरा करना नामुमकिन होता है। जैसे- “सुबह 10 बजे कुतुब मीनार देखें और 11:30 बजे इंडिया गेट पहुंच जाएं।“ वह दिल्ली के ट्रैफिक और आपकी थकान को नहीं जोड़ता। इसलिए, अगर आप एआई के हिसाब से चलेंगे, तो आप छुट्टी एन्जॉय नहीं करेंगे, बल्कि एक टास्क पूरा करने वाली मशीन बनकर रह जाएंगे। अपने प्लान में हमेशा थोड़ा खाली समय रखें।
मौसम और लोकल हालात की अनदेखी
एआई आपको यह तो बता देगा कि पहाड़ों पर जाने का सबसे अच्छा समय \“मई से जून\“ है, लेकिन वह शायद यह न बता पाए कि पिछले दो दिनों से वहां भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड हुआ है या रास्ते बंद हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि वह फैक्ट्स जानता है, लेकिन हालात नहीं। ट्रिप प्लान करने के बाद, वहां की लोकल न्यूज या सोशल मीडिया पर ताजा अपडेट देखना न भूलें।
बजट का गलत गणित
अगर आप AI से पूछेंगे कि “गोवा ट्रिप का खर्चा कितना आएगा?“, तो वह आपको एक अनुमानित राशि बता देगा, लेकिन याद रखें कि हवाई टिकट और होटलों के दाम शेयर बाजार की तरह हर घंटे बदलते हैं। एआई अक्सर पुराने किरायों के आधार पर बजट बनाता है। जब आप असल में बुकिंग करने जाएंगे, तो खर्चा 30-40% ज्यादा निकल सकता है। इसलिए एआई के बजट को सिर्फ एक इशारा समझें, अंतिम सत्य नहीं।
अजीबोगरीब रास्ते
कभी-कभी एआई ऐसी जगहों या रास्तों का सुझाव दे देता है जो असल में मौजूद ही नहीं हैं या बहुत असुरक्षित हैं। जी हां, वह आपको एक शॉर्टकट भी बता सकता है जो असल में जंगल के बीच से जाता है या खतरनाक है। इसलिए, रूट तय करने के लिए हमेशा भरोसेमंद मैप्स और स्थानीय लोगों की सलाह को ही प्राथमिकता दें।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना समझदारी है, लेकिन उस पर आंख मूंदकर भरोसा करना बेवकूफी हो सकती है। अपनी ट्रिप के लिए AI को अपना \“असिस्टेंट\“ बनाएं, \“बॉस\“ नहीं।
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