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उत्तर प्रदेश में वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर बदला नियम, यूपी परिवहन विभाग ने जारी किया आदेश

Chikheang 5 day(s) ago views 991
  



जागरण संवाददाता, लखनऊ। प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच सोमवार से बंद हो गई है। अब 23 लाख से अधिक व्यावसायिक वाहनों का फिटनेस निजी आटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) पर ही होगा। सभी 75 जिलों के व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस आवंटित किए गए हैं। ऑनलाइन वाहन फिटनेस का स्लाट बुक कराने पर नजदीकी एटीएस का ही स्लाट बुक हो रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 नवंबर 2024, एक अप्रैल 2025 को प्रमुख सचिव परिवहन को पत्र भेजा था कि वाहनों का फिटनेस आटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर पर ही होगा। इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली जाएं। 17 नवंबर को पत्र जारी करके निर्देश दिया गया था कि पहली जनवरी से एटीएस के माध्यम से वाहनों का फिटनेस कराया जाएगा।

सोमवार से इसका पालन शुरू हो गया है। प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच बंद कर दी गई है, बल्कि फिटनेस के लिए आवेदन करने वालों को नजदीकी केंद्र आवंटित किया जा रहा है। एटीएस से लगभग 100 किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ा गया है, अधिकांश जिलों में अभी तक वाहनों का मैनुअल फिटनेस हो रहा था।

लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र पर लखनऊ के वाहनों की फिटनेस हो रही है, इस केंद्र को अब रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई व सीतापुर जिलों के व्यावसायिक वाहन भी आवंटित किए गए हैं। इससे व्यावसायिक वाहन चालक व स्वामी हैरान हैं, क्योंकि उन्हें अब लंबी दौड़ लगानी होगी।

सीतापुर जिले के महोली कस्बे से बीकेटी आने वाले वाहनों को आने-जाने में 150 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी होगी। इतना ही नहीं अब ई-रिक्शा का फिटनेस कराना बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि इतनी दूर आकर ई-रिक्शा की बैट्री ही डिस्चार्ज हो जाएगी।

एआरटीओ प्रशासन लखनऊ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया, राजधानी के आसपास के जिलों में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस का स्लाट निजी एटीएस का मिल रहा है, रायबरेली के वाहन पड़ोसी फतेहपुर जिले में भी फिटनेस करा सकते हैं। ऐसे ही उन्नाव जिले के वाहन कानपुर में भी फिटनेस करा सकेंगे।  

फिटनेस न कराने पर पांच से दस हजार का चालान  

नए व्यावसायिक वाहनों को पंजीकरण के बाद आठ वर्ष तक हर दो साल पर और उसके बाद एक-एक वर्ष पर फिटनेस कराने का नियम है। वाहन का फिटनेस न होने पर पहली बार 5000 और दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का चालान होता है।  

हर जिले में तीन एटीएस की योजना अधर में  

वाहनों का फिटनेस आसानी से कराने के लिए प्रदेश के हर जिले में तीन-तीन निजी एटीएस खोलने को मंजूरी दी गई थी। राजधानी में ही अभी एक एटीएस संचालित हो पाया है, जबकि बंथरा में दूसरा एटीएस बनकर तैयार है।

अन्य जिलों में बिजनौर, फिरोजाबाद, झांसी, कानपुर देहात, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली, रामपुर, फतेहपुर, कानपुर नगर, आगरा व मीरजापुर में ही एटीएस संचालित हो रहा है। कई जिलों में जल्द ही बनकर तैयार होंगे। एटीएस खोलने के आवेदन भी लंबित हैं।
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