नई दिल्ली। भारत में अरबपतियों की लिस्ट में अक्सर टेक्नोलॉजी, रियल एस्टेट और उद्योग जगत के बड़े नाम शामिल होते हैं, लेकिन इन्हीं के बीच एक ऐसी शख्सियत भी है जिसकी कहानी असाधारण संघर्ष और प्रेरणा से भरी है। हम बात कर रहे हैं रामेश बाबू (Who Is Ramesh Babu) की। एक ऐसे व्यक्ति की, जिन्होंने कभी नाई की दुकान में काम किया और आज 400 से अधिक लग्जरी गाड़ियों के मालिक हैं, जिनमें दुनिया की सबसे महंगी और लग्जरी कारें शामिल हैं।
कैसे शुरू हुआ सफर?
रमेश बाबू का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। मात्र 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने परिवार की आर्थिक मदद के लिए अखबार बांटना और दूध सप्लाई जैसे काम शुरू कर दिए थे। इसके साथ ही वह अपने पिता की छोटी सी नाई की दुकान में भी हाथ बंटाते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। दिन में कॉलेज की कक्षाएं और रात में सैलून का काम इसी मेहनत के बल पर उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा हासिल किया।
कार किराए के बिजनेस से शुरुआत
साल 1993 में अपनी जमा पूंजी और चाचा की मदद से रमेश बाबू ने पहली गाड़ी मारुति ओमनी खरीदी। शुरुआत में यह गाड़ी अतिरिक्त आमदनी के लिए किराए पर दी जाती थी। यहीं से बेंगलुरु में उनके कार रेंटल व्यवसाय की नींव पड़ी। शुरुआती दिनों में वह खुद ही गाड़ी चलाते थे, लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ी, वैसे-वैसे उनका बेड़ा भी बढ़ता चला गया।
लग्जरी कारों की दुनिया में एंट्री
साल 2004 रमेश बाबू के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब उन्होंने पहली लग्जरी कार मर्सिडीज-बेंज E-Class खरीदी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनके पास रोल्स रॉयस घोस्ट, मर्सिडीज़ मेबैक, बीएमडब्ल्यू, ऑडी, जगुआर जैसी करोड़ों की गाड़ियां हैं। उनकी कंपनी रामेश टूर एंड ट्रवैल्स स्थानीय ग्राहकों के साथ-साथ फिल्मी सितारों और बड़े उद्योगपतियों को भी सेवाएं देती है।
सुपरकार के अलावा ये कारें भी मौजूद
रमेश बाबू का वाहन संग्रह सिर्फ लग्जरी कारों तक सीमित नहीं है। उनके बेड़े में मिनी बसें, वैन, बजट कारें और यहां तक कि विंटेज गाड़ियां भी शामिल हैं, जिससे हर वर्ग के ग्राहक की जरूरत पूरी की जा सके।
रामेश बाबू की कितनी नेटवर्थ है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब रमेश बाबू की अनुमानित नेटवर्थ करीब ₹1,200 करोड़ बताई जाती है। |