रॉन्ग साइड में वाहन चलाने वालों के लिए अब खतरे की घंटी बज चुकी है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में वाहन चलाने वालों के लिए अब खतरे की घंटी बज चुकी है। दिल्ली पुलिस ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब सिर्फ चालान काटकर छोड़ने के बजाय सीधे एफआईआर दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में दिल्ली कैंट थाने में रॉन्ग साइड ड्राइविंग को लेकर राजधानी की पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक ऐसे मामलों में केवल जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए नीति में सख्ती लाई गई है।
अब हाईवे और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक के उलट वाहन चलाने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। दिल्ली देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां इस तरह की कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।
घटना 3 जनवरी की शाम की
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 3 जनवरी शाम करीब 04:45 बजे की है। दिल्ली कैंट ट्रैफिक सर्कल के हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने देखा कि एक सिल्वर रंग की वैगनआर कार आईजीआई एयरपोर्ट की ओर जाने वाली रोड पर गलत दिशा में बेहद तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही थी।
रोकने पर उसकी कार चालक की पहचान अमन के रूप में हुई है। अमन मूल रूप से शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश का निवासी है और वर्तमान में झुग्गी नंबर सी-216, कुसुमपुर पहाड़ी में रह रहा है।
बीएनएस की धारा के तहत केस दर्ज
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपित अमन के पास न तो कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही वाहन का इंश्योरेंस था। इसके कारण पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज गिरफ्तार कर लिया।
उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत दोषी को 6 माह तक की जेल या जुर्माना हो सकता है। हालांकि यह जमानती धारा होने के कारण आरोपित को बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया।
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