search

2026 के पहले छमाही में संभव है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, टैरिफ विवाद से प्रभावित हुई प्रक्रिया

LHC0088 2026-1-6 23:56:21 views 1244
  

2026 के पहले छमाही में संभव है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (फोटो- रॉयटर)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रसिद्ध भू-राजनीतिक विशेषज्ञ और यूरेशिया ग्रुप के अध्यक्ष इयान ब्रेमर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौता इस साल के पहले छह महीनों में हो जाएगा।

एनडीटीवी के अनुसार ब्रेमर ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए ऊंचे टैरिफ का मुद्दा 2025 में बड़ी खबर था, लेकिन 2026 में इसकी अहमियत कम हो जाएगी और यह भारत के लिए शीर्ष जोखिमों में भी शामिल नहीं होगा।

ब्रेमर ने व्यापार समझौते की समयसीमा पर स्पष्ट रूप से कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इस साल के पहले छह महीनों में हो जाएगा।“ उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन महंगाई को नियंत्रित करने के लिए टैरिफ को जल्दी सुलझाने में रुचि रखती है, क्योंकि यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
टैरिफ विवाद और संबंधों में उतार-चढ़ाव

2025 में भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ा था, जब अमेरिका ने भारत की रूसी तेल खरीद को लेकर अगस्त में भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया।

इससे दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। हालांकि, दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन कॉल के बाद अटकलें तेज हो गईं कि समझौता जल्द हो सकता है।

इसके बाद अमेरिकी उप व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जर की दिल्ली यात्रा हुई, जिसके बाद वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता “उन्नत चरण“ में है। गोयल ने जोर दिया कि समझौता दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा।
यूरेशिया ग्रुप की 2026 जोखिम रिपोर्ट

ब्रेमर की यूरेशिया ग्रुप ने 2026 के शीर्ष जोखिमों की सूची जारी की है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा संस्थागत नियंत्रणों को दरकिनार करने के प्रयासों को पहला स्थान दिया गया है।

अन्य जोखिमों में अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी खाई, रूस की आक्रामकता, पानी की कमी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे मुद्दे शामिल हैं। रिपोर्ट में टैरिफ को “रेड हेरिंग“ (भ्रमित करने वाला मुद्दा) बताया गया है, यानी यह उतना बड़ा खतरा नहीं जितना लग रहा है।

ब्रेमर ने कहा कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव आ रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर डीग्लोबलाइजेशन नहीं होगा। भारत की स्थिति को उन्होंने “रणनीतिक रूप से मजबूत“ बताया।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
166155