जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पश्चिमी सिंहभूम के जंगलों में हाथियों का तांडव अब बर्दाश्त की हद पार कर चुका है। मंगलवार को गोइलकेरा में एक जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचल कर मार डाला। इस हृदयविदारक घटना के साथ ही पिछले एक सप्ताह में सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान वन प्रमंडल के अलग-अलग गांवों में अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है।
स्थिति की भयावहता को देखते हुए वन विभाग ने अब देश के सबसे प्रतिष्ठित वाइल्डलाइफ रेस्क्यू सेंटर रिलायंस के वंतारा से मदद मांगी है। वन विभाग के प्रमुख (पीसीसीएफ हाफ) संजीव कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चाईबासा में कैंप करने और पीड़ितों के बीच जाने का निर्देश दिया है।
चाईबासा में खुलेगा अपना रेस्क्यू सेंटर
भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान पर भी काम शुरू हो गया है। आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने बताया कि पीसीसीएफ संजीव कुमार के दिशा-निर्देश पर चाईबासा में हाथियों के लिए एक रेस्क्यू सेंटर खोलने की योजना है। इसके लिए जल्द ही फंड जारी किया जाएगा।
यह सेंटर बन जाने के बाद घायल हाथियों का इलाज और आक्रामक हाथियों का रेस्क्यू स्थानीय स्तर पर ही संभव हो पाएगा। मंगलवार को वन विभाग के वरीय अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर ग्रामीणों के साथ बैठक की और सुरक्षा के हर संभव उपाय करने का भरोसा दिलाया।
जामनगर से आ रही है वंतारा की टीम
हाथियों के बढ़ते हमले को देखते हुए वन विभाग ने गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रोजेक्ट \“\“वंतारा\“\“ से संपर्क किया है। आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने जानकारी दी कि वंतारा से विशेषज्ञों की दो टीमें बुलाई गई हैं। यह टीम अत्याधुनिक संसाधनों और तकनीकों से लैस है।
उन्होंने बताया कि वंतारा की टीम हाथी का सुरक्षित रेस्क्यू करेगी। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और हाथी को काबू में करने के बाद उसे ओडिशा भेजने की योजना बनाई गई है, ताकि स्थानीय रिहायशी इलाकों से खतरा पूरी तरह टल सके।
क्या है अनंत अंबानी का वंतारा प्रोजेक्ट
वन विभाग ने जिस वंतारा टीम को बुलाई है, वह रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी ने शुरू किया है। \“\“वंतारा\“\“ का अर्थ है \“\“जंगल का सितारा\“\“। गुजरात के जामनगर में करीब 3000 एकड़ में फैला यह दुनिया का सबसे बड़ा पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र माना जाता है।
यहाँ हाथियों के लिए विशेष अस्पताल, जकूजी और हाइड्रोथेरेपी जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। यह संस्थान देशभर से घायल और संघर्ष में फंसे जानवरों को रेस्क्यू कर उन्हें नया जीवन देने के लिए विख्यात है। अब इसी विशेषज्ञता का लाभ पश्चिमी सिंहभूम में आदमखोर हो रहे हाथी को काबू करने में लिया जाएगा।
अधिकारी एसी कमरे छोड़ जनता के बीच जाएं
गोइलकेरा की घटना के बाद पीसीसीएफ संजीव कुमार ने विभाग के आला अधिकारियों की क्लास लगाई है। उन्होंने आरसीसीएफ स्मिता पंकज और सीएफ सबा आलम अंसारी को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि वे चाईबासा में कैंप करें।
पीसीसीएफ ने मंगलवार को स्पष्ट आदेश दिया कि अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों से निकलकर फील्ड में जाएं, पीड़ित परिवारों से मिलें और आम जनता के साथ संवाद स्थापित कर समस्या का तत्काल समाधान निकालें। इसके अतिरिक्त पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ को भी पत्र लिखकर एक विशेष टीम गठित करने का आदेश जारी किया गया है। |
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