search

बांधवगढ़ में सनसनी : शिफ्टिंग के दौरान बाघ शावक वनकर्मियों को चकमा देकर जंगल में भागा, हाथी दल के साथ तीसरे दिन भी तलाश जारी

Chikheang 4 day(s) ago views 249
  

बड़े एनक्लोजर में शिफ्टिंग के दौरान शावक भ्गागा।



डिजिटल डेस्क, जबलपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन विभाग की सतर्कता के बावजूद एक बाघ शावक के जंगल में निकल जाने से हड़कंप मच गया है। अक्टूबर में लावारिश हालत में मिले कांटीवाह बाघिन के दो शावकों में से एक, छोटे से बड़े एनक्लोजर में शिफ्टिंग के दौरान वन कर्मियों को चकमा देकर जंगल में गायब हो गया। यह घटना सोमवार शाम की है, जिसके बाद से शावक की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वन प्रबंधन लगातार हाथियों और पैदल गश्ती दल की मदद से शावक की तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन तीसरे दिन भी अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। हालांकि पार्क प्रबंधन का दावा है कि कई स्थानों पर शावक के पगमार्क मिले हैं और जल्द ही उसे सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
ऐसे गायब हुआ शावक

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, अक्टूबर में लावारिस मिले दोनों शावकों को ताला परिक्षेत्र के बठान बीट स्थित एनक्लोजर में संरक्षण और पालन-पोषण के लिए रखा गया था। इन्हें बड़े एनक्लोजर में शिफ्ट किया जाना था। इसके लिए 5 जनवरी की शाम करीब 6:30 बजे इनक्लोजर में केज लगाया गया।

इसी दौरान एक शावक ने केज की आड़ लेकर मौका भांपा और एनक्लोजर से बाहर निकलकर जंगल की ओर भाग गया। वनकर्मी यह समझते रहे कि शावक केज के अंदर चला गया है। जब काफी देर तक शावक दिखाई नहीं दिया, तब जाकर तलाश शुरू की गई।

यह भी पढ़ें- इंदौर दूषित जल कांड की मार जबलपुर तक : बीमार छात्र वापस लौटा, 6 दिन से ICU में, हेपेटाइटिस-A की पुष्टि
कांटीवाह बाघिन और तीसरा शावक अब भी रहस्य

कांटीवाह बाघिन पहले से ही लापता है और उसका तीसरा शावक भी अब तक नहीं मिला है। तीन दिन पहले जिन दो शावकों का रेस्क्यू किया गया था, उन्हें कांटीवाह बाघिन का ही माना जा रहा है। हालांकि पार्क प्रबंधन ने अभी आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि 3 तारीख को मिला बाघ का कंकाल कांटीवाह बाघिन का ही था।

हालांकि जिस तरह से प्रबंधन तीसरे शावक की सघन तलाश में जुटा है और बाघिन को लेकर कोई अलग खोज नहीं चल रही है, उससे यह संकेत जरूर मिलता है कि बरामद कंकाल कांटीवाह बाघिन का ही हो सकता है।
लावारिस मिले थे दोनों शावक

उल्लेखनीय है कि 9 अक्टूबर को बांधवगढ़ के पनपथा बफर रेंज की सलखनिया बीट के कक्ष क्रमांक पी-610 में दोनों शावक लावारिश हालत में मिले थे। गश्ती दल ने एक शावक को गिरे हुए पेड़ की खोह में जाते देखा था। इसके बाद हाथियों की मदद से पूरे इलाके में सघन सर्चिंग की गई, लेकिन किसी वयस्क बाघ या बाघिन के निशान नहीं मिले।

क्षेत्र संचालक के निर्देश पर दोनों शावकों का रेस्क्यू कर उन्हें ताला स्थित बठान एनक्लोजर में सुरक्षित रखा गया था। तब से वे वहीं पल रहे थे।
तीसरा शावक नहीं मिला

उस समय यह साफ हो गया था कि दोनों शावक कांटीवाह बाघिन के थे और यह भी जानकारी सामने आई थी कि उसके कुल तीन शावक थे। तीसरे शावक की काफी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।

गौरतलब है कि सलखनिया क्षेत्र लंबे समय से बीटीआर की चर्चित कांटीवाह बाघिन का इलाका रहा है। 3 अक्टूबर को इसी क्षेत्र में एक बाघ का कंकाल मिला था, जिसकी हालत अत्यंत क्षत-विक्षत थी, जिससे उसकी पहचान संभव नहीं हो सकी थी। इसी वजह से कांटीवाह बाघिन की मौत की आशंका और गहराती जा रही है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
149961

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com