पीलीभीत बाइपास रोड
जागरण संवाददाता, बरेली। सेटेलाइट-पीलीभीत बाइपास रोड से एयरपोर्ट तक आवागमन होता है। वीवीआइपी के अलावा विदेशी पर्यटक भी आते रहते हैं। इस रोड को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने की कवायद पहले से चल रही थी।मंडलायुक्त की पहल पर अब इसे आठ लेन बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सड़क चौड़ीकरण बरेली विकास प्राधिकरण कराएगा, एस्टीमेट तैयार करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है।
शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या से जगह-जगह जाम की स्थिति बनने लगी है। इससे उबरने के लिए पीलीभीत बाइपास, बड़ा बाइपास के बाद रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। सेटेलाइट, कुतुबखाना, चौपुला, किला, इज्जतनगर, लाल फाटक, कुदेशिया फाटक पर फ्लाइओवर का निर्माण हो जाने से कुछ राहत तो मिली है, लेकिन पीलीभीत बाइपास रोड पर यातायात की समस्या कम नहीं हो रही है।
वजह, स्थानीय वाहनों के साथ सेटेलाइट बस अड्डे से विभिन्न राज्यों के लिए बसों का संचालन और एयरपोर्ट तक यात्रियों का आवागम शामिल है। सेटेलाइट पर फ्लाइओवर बन जाने के बाद शाहजहांपुर रोड पर आवागमन तो आसान हो गया है, लेकिन पीलीभीत बाइपास पर जाम की स्थिति बढ़ती जा रही है। यहां वीशेप का एक और फ्लाइओवर बनवाने की प्रक्रिया चल रही है।
इस रोड को सिक्सलेन में परिवर्तित कराने के लिए महीनों मंथन किया गया। मंडलायुक्त से अनुमोदन कराकर लोक निर्माण विभाग ने 7.420 किमी सड़क चौड़ीकरण और सृदृढ़ीकरण कराने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पिछले वित्तीय वर्ष में ही भेज दिया था, स्वीकृत नहीं हो पाने से इस साल दोबारा भेजा गया।
बरेली-सितारगंज परियोजना में पहले सेटेलाइट चौराहा तक पहले एनएचएआइ के अधीन था। बड़ा बाइपास किमी 331 तक के भाग का एनएचएआइ चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण करा रहा है। बाद में एनएचएआइ ने बड़ा बाइपास किमी 331 से सेटेलाइट चौराहा तक 11.320 किमी पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड को हस्तांतरित कर दिया था।
अब इस मार्ग का नाम बड़ा बाइपास-सेटेलाइट मार्ग कर दिया गया है। इस मार्ग पर 4.700 किमी बीडीए चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पहले से करवा रहा है। इसके आगे सेटेलाइट तक 7.420 किमी सड़क का चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग निर्माण ने प्रस्ताव भेजा है। अब इसे आठ लेन में परिवर्तित कराने की जिम्मेदारी बीडीए ने ली है, जिसके लिए लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर एस्टीमेट तैयार कर रहे हैं।
सेटेलाइट बस अड्डा से बैरियर-टू तक तक सिक्सलेन निर्माण का प्रस्ताव पिछले वित्तीय वर्ष में भेजा गया था। अब बीडीए इसे आठ लेन बनवाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग को दोबारा एस्टीमेट तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है। वन विभाग, विद्युत विभाग की स्थिति का आंकलन कराते हुए एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है।
- भगत सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
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