search

बदायूं में मकान के अंदर चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर, नौकरी दिलाने के नाम पर होती थी ठगी; चार युवतियों समेत पांच गिरफ्तार

cy520520 2026-1-7 19:26:40 views 360
  



जागरण संवाददाता,बदायूं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शहर के नई सराय इलाके से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह को दबोच लिया। उनके पास से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल और 23 सिम समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। ये गिरोह अब तक 10 लोगों से साढ़े चार लाख रुपये की ठगी कर चुका था। इसमें शामिल चार लड़कियां और एक युवक पकड़ा गया है, जबकि दो आरोपित फरार होने में कामयाब रहे थे। पुलिस ने दोपहर बाद सभी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी विजयेंद्र द्विवेदी ने इसका राजफाश करते हुए बताया कि पिछले कई दिन से साइबर क्राइम के पोर्टल पर ऑनलाइन ठगी की शिकायतें आ रही थीं। अब तक पोर्टल पर 10 शिकायतें प्राप्त हो चुकी थी। सभी में एक ही मोबाइल नंबर प्रयोग किया गया था और उस मोबाइल नंबर से कॉल करके अलग-अलग प्रांतों के लोगों से ठगी की गई थी। जब उस मोबाइल नंबर की जानकारी की गई तो उसकी लोकेशन बदायूं शहर में ही दिखाई दी।

उसके आधार पर साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर विनोद कुमार बर्धन, एसआई रजत यादव, एसआई राकेश कुमार और उनकी टीम ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर कोतवाली क्षेत्र के नई सराय इलाके में छापा मारा। यहां एक मकान के अंदर कमरे में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था।

यहां एक युवक लैपटॉप पर काम कर रहा था और तीन लड़कियां मोबाइल पर बात करती पाई गईं। चारों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। वहां से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, सात स्मार्टफोन, चार कीपैड मोबाइल, सात मोबाइल चार्जर, 23 सिम, हाजिरी रजिस्टर, किरायानामा और काफी समेत अन्य सामान बरामद हुआ। उनकी निशानदेही पर एक और लड़की को गिरफ्तार किया गया।

उन्हें साइबर क्राइम थाने लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने अपने नाम मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव गोविंद नगला निवासी विवेक पुत्र सुरेश सिंह, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव बरातेगदार निवासी आकांक्षा पटेल पुत्री जितेंद्र सिंह, ग्राम लखनपुर निवासी अंशु पटेल पुत्री दीपक सिंह, नगर पंचायत गुलड़िया निवासी ईशा साहू पुत्री प्रेम शंकर साहू और उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव बरायमय खेड़ा निवासी मीनाक्षी पुत्री राजकुमार सिंह बताया।

उन्होंने बताया कि यह कॉल सेंटर दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव डोलापुर निवासी हेम उर्फ टिंकू मौर्य पुत्र वीरेंद्र और उसी गांव का सलीम उर्फ अबलू पुत्र गुलशेर चला रहे थे। दोनों मौके से फरार हो गए। एसपी सिटी ने बताया कि यह लोग फर्जी काल सेंटर चला रहे थे और लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। अब तक 10 लोगों से 4.50 लाख रुपये की ठगी कर चुके थे।
वर्क इंडिया साइट पर ऑनलाइन नौकरी का देते थे झांसा

फर्जी कॉल सेंटर से पकड़े गए सभी आरोपित वर्क इंडिया साइट पर ऑनलाइन नौकरी का झांसा देते थे। यह लोग अब तक नवादा बिहार, पटना बिहार, नागपुर महाराष्ट्र, जयपुर राजस्थान, इंदौर मध्यप्रदेश, भोपाल मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई लोगों के साथ ठगी कर चुके थे। कई लोगों ने इनके खिलाफ शिकायत तक दर्ज नहीं कराई है।
लोगों को दूसरे नाम से कॉल करके बनाते थे शिकार

यहां काम करने वाले सभी लोगों को दूसरे नाम दे दिए गए थे। जैसे आरोपित विवेक को दूसरा नाम राजीव दे दिया गया था। वह लोगों को अपना नाम राजीव बताकर काल करता था। इसी तरह आकांक्षा पटेल को रिया शर्मा, अंशू पटेल को रिया शर्मा, ईशा साहू को नाव्या शर्मा व कृतिका शर्मा और मीनाक्षी को निधि शर्मा नाम दिया गया था। यह लोग दूसरे नामों से ही काल करते थे।
पकड़ी गईं लड़कियां बोलीं- तीन माह पहले रखा था नौकरी पर, अब तक नहीं दिया था वेतन

पकड़ी गईं सभी लड़कियां पढ़ी लिखी हैं। कोई बीएससी तो कोई बीए पास है। उन्होंने बताया कि करीब तीन माह पहले ही उन्हें नौकरी पर रखा गया था। उन्हें 10 से 15 हजार रुपये वेतन देने को कहा गया था। उन्हें नहीं पता कि यहां क्या चल रहा था। उनसे काल कराने को कहा जाता था। आरोपित हेम सिंह उर्फ टिंकू मौर्य और सलीम उर्फ अबलू ही उन्हें मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे, जिस पर वह कार्यालय आकर काल करती थीं। अब तक उन्हें एक माह का वेतन भी नहीं दिया गया था।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments

Explore interesting content

cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
163424