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हापुड़ में सेना की अरबों रुपये की जमीन पर हो गई प्लॉटिंग, सोता रहा विभाग; प्रशासन पर उठे सवाल

Chikheang 2 hour(s) ago views 372
  

भूमाफियों ने अरबों रुपये की इस जमीन को प्रशासन की नाक के नीचे अवैध प्लाटिंग के जरिए बेच दिया।



ध्रुव शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर। मुख्यमंत्री के सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के अभियान की धज्जिया उड़ती देखना चाहे तो आपकों गढ़ - ब्रजघाट का चक्कर जरूर लगाना चाहिए। यहां सरकारी जमीनों पर कब्जे करना एवं उन पर अनाधिकृत कॉलोनी काटना सामान्य सी बात हो गई है। नगर स्थित घोड़ा फार्म सेना की जमीन है, लेकिन यहां के भूमाफियों ने अरबों रुपये की इस जमीन को प्रशासन की नाक के नीचे अवैध प्लाटिंग के जरिए बेच दिया है।

पुरानी कहावत है कि अब पछताए क्या होते है , जब चिड़िया चुग गईं खेत। यह कहावत गढ़ नगर में सरकारी जमीन पर हो रहे कब्जे एवं प्रशासन पर सटीक बैठती है। यहां अरबों रुपयों कीमत की जमीन को भूमाफियों ने बेच दिया और सिस्टम अपनी गहरी नींद में सोता रहा। नगर के गढ़- दिल्ली रोड के पास सरकारी दस्तावेज में सेना की जमीन है।

यह सेना के घोड़े के रखरखाव आदि के लिए संरक्षित हैं। यहां से बामुश्किल एक किलोमीटर की दूरी पर तहसील बनी हुई है, जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, सीओ सहित सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी बैठते हैं तो 35 किलोमीटर की दूरी पर जिला प्रशासन का मुख्यालय है। बावजूद इसके इस अरबों रुपये की सेना की जमीन को भूमाफियों की नजर से नहीं बचाया जा सका है।

घोड़ा फार्म के नाम से मशहूर इस जमीन को भूमाफियों ने कालोनी काटकर बेच दिया है। इसके करीब 80 प्रतिशत हिस्से पर अवैध प्लाटिंग हो चुकी है। पिछले कुछ वर्षो में तो इस जमीन पर अवैध प्लाटिंग का धंधा तेजी से पनपा है। बावजूद इसके प्रशासन कागजी कार्रवाई के लिए समय- समय पर चंद प्लाट की दीवार ढहाकर अपने कृत्वर्य की इति श्री कर लेता हैं।

मंगलवार को भी इसी कड़ी में एचपीडीए की टीम ने कई प्लाट की दीवारों को धवस्त कर दिया, जिससे वहां अफरा तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि यदि इस जमीन पर कालोनी काटने से पूर्व ही कब्जा मुक्त कराने के ठोस प्रयास किए गए होते तो आज लोगों की मेहनत की कमाई पर बुलडोजर नहीं चलता।

कॉलोनाइजर द्वारा भोले भाले लोगों को वैध कालोनी बताकर प्लाट बेच दिए जाते हैं। भूमाफिया सरकारी जमीन को बेचकर चले जाते हैं, उसके बाद विभाग कार्रवाई करने आता हैं। इस संबंध में अवर अभियंता जितेंद्र नाथ दूबे ने बताया कि समय समय पर कार्रवाई की जाती है। मंगलवार को भी घोड़ा फार्म में की गई प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया है। किसी भी सूरत में जमीन पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- अवैध कॉलोनियों पर चला मेडा का बुलडोजर, हापुड़ रोड और बिजली बंबा बाईपास पर चला ध्वस्तीकरण अभियान    
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