8th Pay Commission: राज्यों में कब लागू होगा नया वेतन? सैलरी, एरियर से फिटमेंट फैक्टर तक, पूरी टाइमलाइन
नई दिल्ली| देशभर में आठवें वेतन आयोग की चर्चा तेज है। देश के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स बढ़ी हुई सैलरी-पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में राज्यों के कर्मचारियों की उम्मीदें भी तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राज्यों के कर्मचारी (8th Pay Commission state employees) भी केंद्र के साथ ही फायदा पाएंगे या फिर उन्हें लंबा इंतजार करना होगा?
दरअसल, जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, तब केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सबसे पहले लाभ मिलता है। लेकिन राज्य सरकारों के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए तस्वीर अलग होती है। 8th Pay Commission (8th CPC) के संदर्भ में यही सवाल फिर से चर्चा में है कि राज्य कितने समय में सिफारिशें लागू करते हैं, क्या वेतन-पेंशन समान होगी और एरियर कब से मिलेगा?
राज्य सरकारें क्यों बनाती हैं अलग वेतन आयोग?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि राज्य सरकारें अपना अलग वेतन आयोग क्यों बनाती हैं? दरअसल, हर राज्य की आर्थिक स्थिति, राजस्व और बजट क्षमता अलग होती है। इसलिए राज्य सीधे-सीधे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के बजाय अपना स्टेट पे कमीशन बनाते हैं, ताकि वेतन, पेंशन और भत्तों को राज्य की अर्थव्यवस्था के हिसाब से तय किया जा सके। हाल ही में असम सरकार ने भी अपना वेतन आयोग (Assam 8th State Pay Commission) बनाया है।
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केरल में चल रहा 11वां वेतन आयोग तो पंजाब में 6वां
यह भी जरूरी नहीं है कि हर राज्य में 10 साल में ही वेतन आयोग आए। केरल में इस समय 11वां वेतन आयोग (Kerala 11th Pay Commission) चल रहा है, कर्नाटक में 7वां और पंजाब में 6वां (Punjab 6th Pay Commission)। ऑल इंडिया एनपीएस इम्प्लॉई फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल (Manjeet Singh Patel) का कहना है कि अलग-अलग आयोग होने के बावजूद केंद्र और राज्यों का पे स्ट्रक्चर लगभग समान रहता है।
केंद्रीय वेतन आयोग जैसी होती है राज्यों की प्रक्रिया
राज्य वेतन आयोग की प्रक्रिया भी लगभग केंद्रीय वेतन आयोग जैसी ही होती है। एक चेयरमैन और सदस्य नियुक्त किए जाते हैं, रिपोर्ट तैयार होती है, मंत्रियों का समूह उस पर विचार करता है और फिर राज्य सरकार अंतिम फैसला लेती है।
क्या केंद्र के जितनी बढ़ती है राज्यों के कर्मचारियों की सैलरी?
अब सवाल है कि क्या राज्य कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन केंद्र जितनी ही बढ़ती है? ज्यादातर मामलों में फिटमेंट फैक्टर केंद्र जैसा ही होता है, हालांकि कुछ राज्यों में थोड़ा कम या ज्यादा भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 2.57 (State fitment factor) था, जबकि पंजाब के 6वें वेतन आयोग में 2.59 और उत्तर प्रदेश में 2.57 रखा गया।
आठवें वेतन आयोग का एरियर कब से मिलेगा?
आम तौर पर, पिछला वेतन आयोग खत्म होने के अगले दिन से एरियर मिलना चाहिए। जैसे उत्तर प्रदेश में 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुई, तो आदर्श रूप से 1 जनवरी 2026 से एरियर (8th Pay Commission arrears January 2026) बनना चाहिए। हालांकि, इस बार 8th CPC में इम्प्लीमेंटेशन डेट तय नहीं की गई है, इसलिए केंद्र या राज्य के ऐलान के बाद ही स्थिति साफ होगी।
8th CPC लागू करने में राज्यों को लगेगा कितना समय?
सबसे अहम सवाल है कि राज्य सरकारें 8th CPC लागू करने में कितना समय लेंगी? एक्सपर्ट बताते हैं कि केंद्र के बाद राज्यों पर कोई कानूनी समय-सीमा नहीं होती। जो राज्य जल्दी फैसला लेते हैं, वे 6 महीने से 1 साल में लागू कर देते हैं, जबकि ज्यादातर राज्य 1 से 3 साल तक का समय लेते हैं।
7वें वेतन आयोग के दौरान भी कुछ राज्यों ने एक साल में लागू किया, तो कुछ ने 2020 या उससे बाद में। यानी साफ शब्दों में कहें तो आठवें वेतन आयोग का फायदा राज्यों तक जरूर पहुंचेगा, लेकिन समय, एरियर और फिटमेंट फैक्टर सब कुछ राज्य सरकारों के फैसले पर निर्भर करेगा। |
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