सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में होने वाली मृत्यु की दर में कमी लाने के लिए स्टेट ट्रामा केयर पालिसी बनाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए टेक्निकल टास्क फोर्स का गठन किया है। नौ सदस्यीय टास्क फोर्स प्रत्येक जिले में लेवल वन, टू और थ्री के ट्रामा नेटवर्क के मानक और संचालन के नियम बनाने, अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय रेफरल प्रणाली की स्थापना के लिए कार्ययोजना बनाएगी।
टास्क फोर्स को 15 दिनों में कार्ययोजना शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इमरजेंसी एंड ट्रामा केयर के स्टेट नोडल आफिसर प्रो. एलडी मिश्रा को टास्क फोर्स का अध्यक्ष और एसजीपीजीआइ के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के हेड प्रो. आरके सिंह, केजीएमयू ट्रामा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डा़ प्रेम राज सिंह सचिव बना गए हैं।
केजीएमयू के सर्जरी विभाग के डा. अक्षय आनंद, एपेक्स ट्रामा सेंटर एसजीपीजीआइ के सीएमएस डा. मनीष, डा. प्रतीक सिंह, केजीएमयू क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के हेड डा. अविनाश अग्रवाल, निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डा. संदीपा, निदेशक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) डा. सीमा श्रीवास्तव को टास्क फोर्स का सदस्य बनाया गया है।
टास्क फोर्स ट्रामा सेंटर के लिए न्यूनतम मानव संसाधन, आधारभूत संरचना के मानक बनाएगी। इसके अलावा राज्यव्यापी रेफरल प्रोटोकाल और 108 एंबुलेंस सेवा को ट्रामा नेटवर्क से जोड़ने की योजना, राष्ट्रीय व राज्य राजमार्ग के निकटम जिला चिकित्सालय, सीएचसी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को चिह्नित करके ट्रामा और आपातकालीन सेवाओं के लिए उच्चीकृत करने की कार्य योजना बनाने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
प्रशिक्षण व क्षमता विकास के लिए एडवांस ट्रामा लाइफ सपोर्ट (एटीएलएस) और क्रिटिकल ट्रामा लाइफ सपोर्ट (सीटीएलएस) प्रशिक्षण का कैलेंडर भी तैयार किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ पुलिस, परिवहन विभाग और आपात स्थिति में सबसे पहले मदद करने वालों (फर्स्ट रिस्पांडर) का प्रशिक्षण भी शामिल है।
टास्क फोर्स को राज्य स्तरीय ट्रामा रजिस्ट्री के संचालन की योजना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सभी सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों के मामलों को दर्ज किया जाएगा, जिससे सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। |