सांकेतिक तस्वीर
संवाद सूत्र, लखनपुर। राज्य सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर ब्लॉक अंतर्गत बंजारी पंचायत स्थित अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति उच्च विद्यालय, बंजारी में वर्षों से शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य संकट में है।
विद्यालय में पिछले 14 वर्षों से गणित और विज्ञान शिक्षक का पद रिक्त पड़ा है। इसके अलावा दो वर्षों से कला शिक्षक तथा तीन वर्षों से हिंदी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कक्षा छठी से दसवीं तक यहां लगभग 315 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं होने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शिक्षकों की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। उनका कहना है कि जब बुनियादी विषयों के शिक्षक ही नहीं होंगे तो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई के लिए कैसे तैयार होंगे। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान और शीघ्र शिक्षक नियुक्ति की मांग की है।
स्थानीय बुद्धिजीवी गोपी माझी ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। वहीं ब्लॉक कल्याण अधिकारी ज्योत्स्ना राउड़िया ने बताया कि लंबे समय से नई नियुक्तियां नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी रही, लेकिन अब शिक्षक पदों की भरती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द समाधान होगा।
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