प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान दर अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहे हैं। हाईवे पर बनाए गए अवैध कट भी पूरी तरह से बंद नहीं हो सके। नवंबर माह जागरुकता माह के रूप में मनाया जाता है। यातायात पुलिस ने जागरुकता के साथ ही 21 हजार 558 वाहनों के चालान भी नवंबर 2025 में काटे थे।
दो करोड़ 23 लाख 26 हजार 500 रुपये जुर्माना भी लगाया गया, लेकिन उसके बाद भी न नियमों का पालन करने पर ध्यान दिया गया और न ही हादसों में कोई खास कमी आई। मुख्यमंत्री भी बढ़ते हादसों को लेकर चिंतित है। जिस वजह से एक से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह अभियान शुरू कराया गया।
मगर व्यवस्था सुधार में कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों ने जगह-जगह अपनी सुविधानुसार अवैध कट बना लिए। जहां से पैदल से लेकर वाहन तक निकाले जाते हैं। गत माह डीएम ने अवैध कट बंद कराने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए थे लेकिन मीरानपुर कटरा क्षेत्र में शारदा नहर के पास कट बंद कराने के लिए अब तक ध्यान नहीं दिया गया।
बुधवार को भी उस कट से वाहन फर्राटा भरते हुए निकल रहे थे। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर वैकल्पिक रास्ता दोबारा बना लिए गए। हाईवे से लेकर अन्य मार्गों पर ओवरलोडिंग पर भी कोई अंकुश नहीं लग रहा है। ऐसे में कब बड़ा हादसा हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
हादसों पर पर नजर
वर्ष 2024 में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक 883 हादसे हुए थे। जिसमें 450 लोगों की जान चली गई थी। जबकि वर्ष 2025 में भी करीब 850 हादसे हो गए। जिसमें 650 से अधिक लोग घायल हुए। जबकि 430 से अधिक लोगों की हादसों में जान चली गई थी। यानी हादसों में कोई खास अंतर नहीं आया। जनवरी में भी कई लोगों की जान जा चुकी है।
हादसों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे पर 45 स्थानों पर अवैध कट चिह्नित किए गए थे, जिन्हें बंद करवा दिया गया था। कुछ स्थानों पर दोबारा कट बनाने की सूचना मिली है। मौके पर जाकर स्थिति को देखा जाएगा, ताकि सुधार कराया जा सके। अवैध कट बनाने वालों को चिह्नित भी किया जा रहा है। ओवरलोड वाहनों पर भी समय-समय पर कार्रवाई की जाती है।
- संजय सिंह, सीओ यातायात
यह भी पढ़ें- शाहजहांपुर में सड़क हादसा: आमने-सामने टकराईं दो रोडवेज बसें, मां-बेटे समेत 6 लोग घायल |
|