वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, रांची। विधानसभा में बुधवार को बजट पर वाद-विवाद के दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक बार फिर केंद्र से उचित हिस्सेदारी नहीं मिलने की बात कहते हुए दावा किया कि केंद्रीय करों और अनुदान राशि में कटौती की गई है। यह भी दावा किया कि केंद्रीय उपक्रमों के ऊपर राज्य सरकार का 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है।
विपक्ष को चुनौती देते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार समय निर्धारित करे और हम अपने अधिकारियों के साथ अपनी मांगों के पक्ष में दलील देंगे। वे भी अपने अधिकारियों के साथ आएं और दाेनों पक्ष बैठकर बात कर लें। इससे ज्यादा और क्या पारदर्शिता हो सकती है? वित्त सह संसदीय कार्य मंत्री मंत्री वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के बाद सरकार का पक्ष रख रहे थे।
मंत्री ने कहा कि विपक्ष का आरोप है कि उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं देने के कारण भारत सरकार झारखंड को राशि नहीं दे रही है। केंद्र सरकार में काम करने की इतनी ही पारदर्शिता है तो झारखंड सरकार केंद्र को एक महीने का समय देती है।
उनके अधिकारी आएं और हमारे अधिकारियों के साथ बैठकर बताएं कि ये राशि हमें चाहिए थी, जिसके लिए हमने उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए राशि नहीं दी गई है। भाजपा की सरकार झारखंड में नहीं है, इसलिए केंद्र आर्थिक सहयोग नहीं कर रही है।
सीएम के विदेश यात्रा का परिणाम दो साल में दिखेगा
वित्त मंत्री ने कहा कि झारखंड में परिस्थितियां बदल रही हैं और निवेशक भी आएंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा का परिणाम एक महीने में नहीं बल्कि दो साल में दिखेगा। पूंजी निवेश नहीं होगा तो राज्य को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं।
बजट में जो राशि निर्धारित है, वह जनता का और जनता के लिए है। जहां तक 10 हजार करोड़ का हिसाब नहीं मिलने की बात है तो ऐसा नहीं है। सब पता चलेगा और राशि का हिसाब मिल जाएगा। डीएमएफटी फंड की गड़बड़ी की जांच और कार्रवाई होगी।
घोषणाओं को पूरा करने के लिए गठित होगी कमेटी
राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री की घोषणाओं को एक वित्तीय वर्ष में पूरा कराने के लिए कमेटी गठित की जाएगी। विकास आयुक्त की अध्यक्षता में इस कमेटी में वित्त सचिव समेत प्रमुख विभागों के प्रधान सचिव और सचिव शामिल होंगे। यह कमेटी घोषणाओं पूरा कराना सुनिश्चित कराएगी। उन्होंने कहा सरकार पांच साल के लिए है, चुनाव घोषणापत्र के वादों को उसमें पूरा किया जाएगा।  |
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