कुंभ की आस्था, सुरक्षा और वैश्विक छवि के लिए भी बड़ी चुनौती है कचरे का ये पहाड़। जागरण
अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। आस्था के कुंभ की तैयारियों में जुटा हरिद्वार इन दिनों एक अनकही चुनौती से जूझ रहा है। सड़कें चौड़ी हो रही हैं, पुल और फ्लाईओवर आकार ले रहे हैं, घाटों पर सौंदर्य बिखर रहा है, यातायात को सुगम बनाने की कवायद चल रही है, लेकिन इस चमचमाती तस्वीर के बीच वर्षों से जमा तीन लाख टन कचरे का पहाड़ कुंभ की राह से हट नहीं पा रहा है। लीगेसी वेस्ट (जमा कचरा) का पहाड़ न सिर्फ स्वच्छता, बल्कि कुंभ की आस्था, सुरक्षा और वैश्विक छवि के लिए भी बड़ी चुनौती है।
हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र से सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 300 टन ठोस कचरा निकलता है। कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं, अखाड़ों, शिविरों, होटल-धर्मशालाओं और अस्थायी बाजारों के कारण यह मात्रा 600 से 700 टन प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। समस्या यह है कि शहर के सराय और चंडीघाट में करीब तीन लाख टन लीगेसी वेस्ट पड़ा है, जो अतीत की विफलताओं की गवाही दे रहा है। इसका वैज्ञानिक निस्तारण अब तक नहीं हो पाया है।
नगर निगम स्तर पर कचरे से कोयला या वेस्ट-टू-एनर्जी जैसी योजनाएं प्रस्तावित तो हुईं, लेकिन वे धरातल पर नहीं उतर सकीं। नतीजतन, न तो पुराने कचरे का दबाव कम किया जा सका और न ही कुंभ के दौरान निकलने वाले अतिरिक्त कचरे के लिए स्थायी प्रोसेसिंग क्षमता विकसित हो पाई
हरिद्वार में कचरा उत्पादन स्थिति
- प्रतिदिन कचरा (टन में)
- सामान्य दिन - लगभग 300 टन
- कुंभ के दौरान - 600-700 टन
- संभावित वृद्धि - दो गुना से अधिक
भू-जल प्रदूषण, दुर्गंध, आग व जहरीली गैसों का खतरा
कुंभ में स्वच्छता और पवित्रता को लेकर आमजन की अधिक अपेक्षाएं हैं। सरकार भी हरिद्वार का बदला हुआ चेहरा प्रस्तुत करना चाहती है। इस कवायद के बीच हरिद्वार में जमा तीन लाख टन पुराने कचरे के कारण भू-जल प्रदूषण, दुर्गंध, आग व जहरीली गैस उत्सर्जन का खतरा बना हुआ है। कुंभ आयोजन स्थल से कचरे का इतना बड़ा पहाड़ हटाना सबसे बड़ी परीक्षा है।
लीगेसी वेस्ट की स्थिति
- जमा लीगेसी वेस्ट - 3 लाख टन
- जमा होने की अवधि -15 वर्ष
- प्रमुख डंपिंग क्षेत्र - नगर निगम डंपिंग यार्ड
- ऊंचाई - 15-20 फीट तक
- वैज्ञानिक निस्तारण- अब तक नहीं
कागजों में कार्ययोजना
कुंभ जैसे विशाल आयोजन से पहले बायो-माइनिंग, प्रोसेसिंग यूनिट, आरडीएफ प्लांट और सेग्रीगेशन व्यवस्था का विस्तार जरूरी है। सीमित इंतजामों से कुंभ में कचरे का दबाव नहीं झेल सकते, लेकिन अब तक लीगेसी वेस्ट निस्तारण की कोई ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई है।
‘हरिद्वार में कचरे के पहाड़ के निस्तारण के लिए नगर निगम ने टेंडर आवंटित किया है, जल्द लीगेसी वेस्ट का निस्तारण शुरू कराया जाएगा।’ -विनोद गिरि गोस्वामी, निदेशक, शहरी विकास
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