एक हादसे के बाद इस एक्ट्रेस ने कभी नहीं की शादी/ फोटो- Instagram
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हर कोई अपनी जिंदगी में प्यार चाहता है, फिर वह आम इंसान हो या हमारी बॉलीवुड के खूबसूरत हीरो-हीरोइन। हिंदी सिनेमा में कई एक्ट्रेसेस ऐसी हैं, जिन्हें प्यार तो भरपूर मिला, लेकिन उनके प्यार को मंजिल नहीं मिली। आशा पारेख से लेकर सुष्मिता सेन और अमीषा पटेल ऐसे कई उदाहरण हैं, जिनको प्यार तो हुआ, लेकिन वह शादी के अंजाम तक नहीं पहुंचा।
ऐसी ही एक अभिनेत्री ने साल 1956 में फिल्म \“तूफान और दीया\“ से बॉलीवुड में कदम रखा था और आते ही अपनी खूबसूरती से सबको मोहित कर दिया था। उनके पास शादी के प्रपोजल आते रहे, लेकिन वह सबको मना करती गईं। एक बार एक दोस्त के कहने पर ये बॉलीवुड की खूबसूरत हसीना मान गईं और सगाई कर ली, लेकिन उसके 2 साल बाद उनकी जिंदगी में जो हादसा हुआ, उसे वह कभी नहीं भुला पाईं और सारी जिंदगी शादी नहीं की। कौन हैं ये वेटरन एक्ट्रेस, नीचे पढ़ें विस्तार से:
सगाई से पहले ठुकराए कई बड़े रिश्ते
महज 8 साल की उम्र में करियर की शुरुआत करने वाली ये एक्ट्रेस कोई और नहीं, बल्कि नंदा हैं, जिनकी आज बर्थ एनिवर्सरी है। 8 जनवरी 1970 में नंदा का जन्म एक महाराष्ट्रियन परिवार में कोल्हापुर में हुआ था। पिता सफल बिजनेसमैन थे। नंदा इतनी ज्यादा खूबसूरत थीं कि उनके लिए दूर-दूर से रिश्ते आते थे, लेकिन वह उन्हें मना कर देती थीं।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंदा \“जब-जब फूल खिले\“ की 1965 में शूटिंग कर रही थीं, तो लेफ्टिनेंट कर्नल एक्ट्रेस की सुंदरता पर मोहित हो गए और उन्होंने उनकी मां के सामने नंदा से शादी का प्रस्ताव रखा। हालांकि, नंदा ने उन्हें ठुकरा दिया। एक्ट्रेस की मां और उनके भाई कई बड़े रिश्ते लेकर आए, लेकिन वहां भी बात नहीं बन पाई।
दोस्त के कहने पर नंदा ने की सगाई
रिपोर्ट्स की मानें तो, डायरेक्टर-प्रोड्यूसर मनमोहन देसाई नंदा को शुरू से ही पसंद करते थे, लेकिन अपने दिल की बात कहने से डरते थे। नंदा भी उन्हें पसंद करती थीं, लेकिन पहल नहीं करना चाहती थीं। नतीजा ये निकला कि मनमोहन देसाई पर प्रेशर आया और उन्होंने प्यार को पीछे छोड़ मां के कहने पर जीवनप्रभा से शादी कर ली। हालांकि, नंदा को मनमोहन देसाई नहीं भुला पाए। साल 1979 में मनमोहन देसाई की पत्नी का निधन हो गया और एक बार फिर नंदा के लिए प्यार के दरवाजे खुल गए।
मनमोहन देसाई के दिल बात यश जौहर को पहले से पता थी, लेकिन नंदा से शादी की बात चलाने की हिम्मत उनमें नहीं थी। ऐसे में एक दिन उन्होंने नंदा की सबसे पक्की सहेली वहीदा रहमान को उन्हें मनाने को कहा, पहले तो वहीदा रहमान ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में वह मान गईं। वहीदा रहमान ने उन्हें काफी समझाया, जिसके बाद वह शादीशुदा मनमोहन देसाई की दुल्हन बनने के लिए मान गईं।
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सालों का सपना बना दर्दनाक हादसा
लंबे समय के बाद साल 1992 में आखिरकार वह समय आ ही गया, जब नंदा और मनमोहन देसाई के कई सालों का ख्वाब पूरा हो गया। जब नंदा ने मनमोहन देसाई से सगाई की तब उनकी उम्र 53 साल हो चुकी थी, ऐसे में एक्ट्रेस का परिवार चाहता कि शादी जल्द से जल्द हो जाए। दोनों शादी के बंधन में बंध पाते इससे पहले ही 1994 में मनमोहन देसाई की घर की बालकनी से गिरकर मौत हो गई।
नंदा को मनमोहन देसाई का प्यार काफी मुश्किल से मिला था, लेकिन इस दर्दनाक हादसे को वह कभी नहीं भूल पाईं। इस हादसे के बाद नंदा ने ताउम्र शादी नहीं की और कहा जाता है कि वह सफेद साड़ी भी इसलिए ही पहनती थी।
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