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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में विचरण करती बाघिन और उसके शावक। स्रोत गाइड
संवाद सूत्र, जागरण, माधोटांडा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के घने और ऊंचे पेड़ों वाले जंगल और नीचे मूंज की घास सर्दी को और बढ़ा देती है। ऐसे में टाइगर रिजर्व में जाकर जंगल सफारी करना और अधिक रोमांचकारी हो जाता है। ऐसे में अगर आप जंगल सफारी और बाघ के दीदार करने के शौकीन हैं तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।
यहां पर हर दिन बाघों के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। अब यहां पर एक साथ दो यहां उससे भी अधिक बाघ देखने को मिल जाते हैं। टाइगर रिजर्व में गुरुवार को जंगल सफारी कर रहे पर्यटकों को एक बाघिन के साथ तीन शावक भी राजा के अंदाज में विचरण करते नजर आए। यह नजारा पर्यटकों के लिए काफी रोचक रहा।
दरअसल इस समय सर्दी की छुट्टियां चल रही हैं। टाइगर रिजर्व में शीतलहर का प्रकोप भी जारी है। सुबह को तो यहां पर जमा देने वाली ठंड हो रही है। लेकिन फिर भी यहां पर पर्यटकों की कोई कमी नहीं है। गुरुवार को प्रथम पाली में भी काफी भीड़-भाड़ रही। जंगल में सफारी के लिए पर्यटक भी काफी उत्साहित दिखे।
कुछ पर्यटक सफारी का आनंद ले रहे थे तभी एक बाघिन पर्यटकों के सामने आ गई। देखते ही देखते उसके तीन शावक भी धीरे-धीरे बाघिन के पास आ गये। बाघिन के शावक भी काफी बड़े थे। काफी देर तक बाघिन और उसके तीनों शावकों को पर्यटक देखते रहे। ऐसा अद्भुत नजारा और साथ चार बाघों के समूह ने पर्यटकों को खूब रोमांचित किया।
ऐसे ही नजारे अब यहां पर हर दिन नजर आते हैं। हर दिन यहां पर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इस समय चूका बीच पर भी रात्रि विश्राम के लिए पर्यटक खूब आ रहें हैं। रेंजर सहेंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटकों को बाघ और अन्य वन्यजीवों के दीदार के अलावा यहां का जंगल भी खूब आकर्षित कर रहा है।
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