बिहार भवन से कतरनी चूड़ा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों को सौगात के रूप में दिया जाएगा।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। मकर संक्रांति को लेकर एक बार फिर बिहार भवन से कतरनी चूड़े की मांग हुई है। एक क्विंटल कतरनी चूड़ा जिला प्रशासन की ओर से बिहार भवन भेजा जाएगा। बिहार भवन कतरनी चू़ड़ा भेजने का जिम्मा कृषि विभाग को दिया गया है। इस बार बिहार भवन भेजा जाने वाला कतरनी चूड़ा जगदीशपुर में तैयार कराया जा रहा है।
जगदीशपुर में तैयार चूड़ा शनिवार को विक्रमशिला एक्सप्रेस से दिल्ली भेजा जाएगा। कृषि विभाग के कर्मी कतरनी चूड़ा बिहार भवन पहुंचाएंगे। बिहार भवन से कतरनी चूड़ा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों को सौगात के रूप में दिया जाएगा।
आइकार्ड मुजफ्फरपुर से दो सौ टन चावल की मांग
कतरनी चावल और चूड़ा की जबरदस्त मांग है। जितनी मांग हो रही है, उतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। आइ कार्ड मुजफ्फरपुर की कंपनी ने मेसर्स मैंगो लीटिका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टर विभू दुबे से दो सौ टन कतरनी चावल की मांग की है। भारी मात्रा में चावल की मांग होने की वजह से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
विभू दुबे ने बताया कि दो सौ टन चावल की तत्काल मांग की गई है। तत्काल इतनी आपूर्ति संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की कंपनी स्टेपल काका की ओर से भी भारी मात्रा में कतरनी चावल की मांग की गई है। वहां 220 रुपये प्रति किलो की दर से 16 क्विंटल चावल की आपूर्ति की गई है।
यहां से और भी चावल की मांग की गई है। बेंगलुरु की कंपनी मसूल से चावल की मांग की गई है। यहां 310 रुपये प्रति किलो की दर से पैकेट में भवल भेजा गया है। अभी नया और पुराना चावल मिलाकर भेजा जा रहा है। पूणा की कंपनी से भी चावल की मांग हुई है।
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की बेटी सुरभि वाणी को पसंद आया कतरनी, खूब की खरीदारी
पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की बेटी सुरभि वाणी को कतरनी की खुशबू काफी पसंद आई। उन्होंने जमकर खरीदारी की। मंगलवार को पूर्व प्रधान मंत्री जी पी बी नरसिम्हा राव की बेटी सुरभि वाणी देवी, जो तेलंगाना के भारत राष्ट्र समिति की सदस्य है। साथ ही वह वर्तमान में तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य भी है। वो जीआइ टैग कतरनी चावल व चूड़ा को देखने आई और उसकी खुशबू लेकर खरीदारी की।
उनके साथ राष्ट्रपति निलियम की प्रबन्धक रजनी प्रिया थी। उन्होंने कहा महोत्सव में पहली बार जीआइ टैग प्रोडक्ट चावल और चूड़ा आया और हैदराबाद के लोगों ने खूब खरीदारी की। इनका प्रोडक्ट दो दिन में ही खत्म हो गया। बेली अगले साल आपको ज्यादा लेकर तेलंगाना आना है। तेलंगाना के राष्ट्रपति निलियम में लगे जर्दालू एंड कतरनी एग्रो फार्मर प्रोडयूसर कम्पनी अजगैवीनाथ धाम के स्टॉल पर देश ही नहीं विदेशी भी कतरनी चूड़ा खरीदने के लिए उत्साहित है।
मेला देखने पहुंची आस्ट्रेलिया की महिलाओं को कतरनी चावल और चूड़ा काफी पसंद किया। स्वाद व सुगंध पसंद आने के बाद चार किलो चावल और दो किलो चूड़ा अपने साथ ले गई। आधा दर्जन से अधिक महिलाओं ने पहले शीशे के बर्तन में रखे चूड़ा का स्वाद लिया और इसके बाद खरीदारी की।
राष्ट्रपति निलियम में लगे उद्यान उत्सव का दूसरा साल है। हर वर्ष एक जनवरी से 10 जनवरी तक आम जनता के लिए खोल दिए जाते है और देश के विभिन्न राज्यों के जीआइ प्रोडक्ट, और जैविक उत्पादों को जगह दी जाती है। पूरे तेलंगाना इसे एक महोत्सव के रूप में मनाते हैं। मेला का आयोजन राष्ट्रपति भवन और कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के द्वारा किया जाता है।
इसमें किसानों और फार्मर प्रोडयूसर आर्गनाइजेशन को चयनित कर एसएफएसी (लघु कृषक कृषि व्यवसाय संघ) बुलाती है और किसानों को प्रमोट करने का काम करती है। बिहार से भी एफपीओ अपने जीआइ प्रोडक्ट कतरनी को लेकर गई है। यह कतरनी के किसानों के लिए राष्ट्रीय सम्मान का विषय है।
एफपीओ के डायरेक्टर मनीष कुमार सिंह ने बताया कि हम बहुत खुश हैं कि हमें राष्ट्रपति निलियम बुलाया गया। बिहार सरकार ने किसानों को कतरनी लगाने का प्रोत्साहन दिया और कृषि विभाग, आत्मा ने उसे हम किसानों तक पहुंचकर जो धान 30 से 35 रुपया किलो बिकता था, आज वो 60 रुपये बिक रहा है। उन्होंने बताया कि कतरनी चावल और चूड़ा की मांग देश-विदेश में हो रही है। मेला देखने पहुंच रहे लोग स्टाल पर पहुंच रहे हैं और उत्पाद की मांग कर रहे हैं। |
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