राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) एवं राज अस्पताल, रांची को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस देने पर सहमति बनी है।
राज्य ब्यूरो,रांची। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया है। राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) एवं राज अस्पताल, रांची को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस देने पर सहमति बन गई है।
इन दोनों संस्थानों को शीघ्र ही लाइसेंस जारी किया जाएगा, जिससे राज्य में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हो सकेगी।
परामर्शदात्री समिति की बैठक में निर्णय
यह निर्णय आज अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत आयोजित परामर्शदात्री समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह माना गया कि दोनों संस्थान आवश्यक मानकों को पूरा करते हैं।
अन्य अंग प्रत्यारोपण पर भी मंथन
बैठक में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में लिवर, हार्ट और किडनी जैसे अंगों के प्रत्यारोपण की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस विषय पर 15 जनवरी को राज्य के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
राज्य में ही मिलेगा गंभीर रोगों का इलाज
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत मरीजों को राज्य के बाहर जाने से रोकने के लिए राज्य में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इसके लिए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेष पैकेज की व्यवस्था की जा रही है।
बाहर इलाज की अनुमति सीमित
निर्णय के अनुसार, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत यदि कोई मरीज आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आता है, तभी उसे राज्य के बाहर इलाज की अनुमति दी जाएगी।
योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों का इलाज हर हाल में राज्य में ही सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, शिवनारायण सिंह (सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश), डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, डॉ. संजय कुमार, रिम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रज्ञा घोष पंत, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित एनजीओ प्रतिनिधि सरिता पांडेय और प्रगति शंकर उपस्थित रहीं। |