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जामा मस्जिद के पास अतिक्रमण की स्थिति। जागरण
नेमिष हेमंत, जागरण। लंबे समय से लोगों की समस्या का कारण बने तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद से सटे अतिक्रमण को हटाने के बाद अब पुरानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद को भी अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उसके द्वारा जल्द ही अतिक्रमण को चिह्नित करने के लिए व्यापक सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। फिर उसे हटाने की कार्रवाई होगी। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, दो माह में उसे सर्वेक्षण कर अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करनी है। एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, जल्द ही व्यापक सर्वेक्षण शुरू कर दिया जाएगा। उसके लिए कुछ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
यह कवायद तब है जब एमसीडी ने कुछ असमाजिक तत्वों के तीव्र विरोध व पथराव के बावजूद भारी सुरक्षाबल की मौजूदगी में एमसीडी ने तुर्कमान गेट के सामने अतिक्रमण कर रामलीला मैदान के एक बड़े हिस्से में निर्मित अवैध बारातघर व डिस्पेंसरी को ढहाया और बड़े भूभाग अतिक्रमण मुक्त कराया है।
ऐतिहासिक जामा मस्जिद के चारों ओर भी दो हजार से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण के साथ ही अवैध पार्किंग का संचालन तथा स्थायी ढांचों का निर्माण हो चुका है। वर्षों में यह समस्या बढ़ती जा रही है, जिसके कारण जहां यहां आने-जाने वाले लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
साथ ही उससे यह मुगलकालीन मस्जिद व क्षेत्र अपनी पहचान खोती जा रही है। साथ ही यहां आने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, इस संबंध में स्थानीय दुकानदार खुश तो हैं, कुछ बोलने से परहेज करते हैं। मामले में जामा मस्जिद के प्रवक्ता शहीउल्लाह ने टिप्पणी से इनकार किया।
अतिक्रमण की समस्या गंभीर
जामा मस्जिद के गेट नंबर तीन, पांच व सात के आसपास के पार्कों में सरकारी जमीन पर अवैध पार्किंग का संचालन, अवैध बाजारों के साथ ही सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हो चुका है। जामा मस्जिद के गेट नंबर दो से सटे मीना बाजार में अतिक्रमण की समस्या गंभीर है, जो मीना बाजार के बीच से गुजरते हुए सुभाष मार्ग तक चला जाता है।
इसी तरह, गेट नंबर एक के सामने उर्दू बाजार रोड पर भी अतिक्रमण की समस्या गंभीर है। यहां भी अवैध पार्किंग के साथ ही दुकानदारों ने फुटपाथ के साथ मुख्य मार्ग तक कब्जा कर रखा है।
इस मामले में हाई कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील हेमंत चौधरी ने बताया कि शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी और परिवार पर मस्जिद की खुली जगहों पर कब्जा कर पार्किंग व अस्पताल बनाने के आरोप लगाए गए हैं। जिससे पैदल यात्री मार्ग अवरुद्ध हो गया है और ऐतिहासिक स्मारक का महत्व प्रभावित हो रहा है। इसी तरह, जामा मस्जिद के नाम से अवैध पार्किंग चलाई जा रही है।
जामा मस्जिद में अतिक्रमण मामलों से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अवैध रेहड़ी-पटरी वालों से वसूली का अधिकांश हिस्सा शाही इमाम के करीबी लोगों को जाता है।
एसआरडीसी ने तैयार की है जामा मस्जिद के पुनर्विकास की योजना
वैसे, शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) ने जामा मस्जिद के आसपास 12 हेक्टेयर क्षेत्र में वाकवे, टूरिस्ट सेंटर, प्लाजा, पार्किंग, ओपन स्पेस, दरगाहों का नवीनीकरण और मीना बाजार का पुनर्वास शामिल योजना बनाई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को क्रियांवयन का जिम्मा सौंपा गया है।
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