जागरण संवाददाता, कानपुर। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और शिकायतकर्ताओं से समुचित संवाद न होने के कारण जनपद की रैंकिंग लगातार गिरती जा रही है।
इस पर जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम सदर, एसडीएम नर्वल समेत 21 अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। साथ ही सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई है।
दिसंबर माह की आईजीआरएस रैंकिंग में कानपुर नगर 75 जिलों में 73वें स्थान पर रहा। इससे पहले अक्टूबर में रैंक 63 और नवंबर में 70 थी। लगातार गिरती रैंकिंग का प्रमुख कारण शिकायतों के निस्तारण के बाद नकारात्मक फीडबैक आना बताया गया है।
दिसंबर 2025 में आईजीआरएस पोर्टल पर कुल 13,492 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 7,142 शिकायतों पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा फीडबैक लिया गया। इनमें 3,340 शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट पाए गए। फीडबैक मूल्यांकन में जिले को 140 में से केवल 113 अंक ही मिल सके।
जिसमें केस्को, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, एसडीएम नर्वल, एसडीएम सदर, वन विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई कार्यालयों में शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। कई मामलों में जांच अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ता से संपर्क तक नहीं किया गया और बिना सत्यापन के ही रिपोर्ट अपलोड कर दी।
जिलाधिकारी ने सुधार के लिए सभी विभागों को नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिकायतों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार लाया जा सके। |