ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे से क्या होगा US ने बताया यूरोप के लिए लाभकारी (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डेनमार्क के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जे की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा को अब अमेरिका दूसरे रूप में समझाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण को यूरोप की सुरक्षा के लिए लाभदायक बताया है। नाटो के महासचिव मार्क रूट से वार्ता में रूबियो ने कहा, ग्रीनलैंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूभाग है।
चीन और रूस बढ़ा रहा गतिविधियां
इसके आसपास चीन और रूस अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। इसलिए वहां पर अमेरिका की मौजूदगी जरूरी है। इसीलिए अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चाह रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने यह बात डेनमार्क की प्रधानमंत्री के साथ ही कई यूरोपीय नेताओं के ग्रीनलैंड मसले पर चिंता जताने पर कही है।
मामले में इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका केवल सैन्य कारणों से ग्रीनलैंड का नियंत्रण प्राप्त करना चाहता है। उन्होंने कहा, अमेरिका की क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जो चिंताएं हैं उन्हें नाटो सैन्य गठबंधन को मजबूत करके खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ग्रीनलैंड पर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई किसी के भी हित में नहीं होगी और नाटो गठबंधन पर उसका गंभीर दुष्परिणाम होगा। विदित हो कि अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन नाटो में लगभग सभी यूरोपीय देश शामिल हैं।
भारत करेगा डेनमार्क का समर्थन
इस बीच डेनमार्क के सांसद रैसमस जरलोव ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका की ओर से बलपूर्वक ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश होने पर भारत उनके देश के साथ खड़ा होगा। सांसद ने कहा, अमेरिकी कदम डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता का उल्लंघन होगा। निश्चित रूप से भारत अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए डेनमार्क का समर्थन करेगा।
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