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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। पार्षद पिता की हनक और सनक के चलते 19 वर्षीय जय भी सलाखों के पीछे चला गया। वह कानून की पढ़ाई करने के लिए कदम बढ़ा ही रहा था कि गोलीकांड ने उसकी राह रोक दी। रविवार की रात हुए गोलीकांड के अगले दिन ही पार्षद पुत्र जय बिष्ट का एलएलबी के लिए प्रवेश परीक्षा थी लेकिन हत्या में शामिल होने के चलते वह पांच जनवरी को परीक्षा नहीं दे सका।
रविवार की रात हल्द्वानी में डहरिया निवासी पार्षद अमित बिष्ट ने बेटे जय बिष्ट के साथ मिलकर उसके दोस्त नितिन लोहनी की हत्या कर दी। दरम्वाल गैंग की सुलह के लिए पार्षद के घर पहुंचे कमल भंडारी व नितिन लोहनी को 12 नाली की दोनाली चलाकर गोलियों से जवाब दिया गया।
रविवार को हुई इस दिल दहलाने वाली घटना से हल्द्वानी के लोगों में दहशत का माहौल बना दिया गया था। दोनों युवकों पर बेरहमी से फायर झोंके गए। हालांकि इस गोली कांड की घटना में कमल भंडारी बच निकला लेकिन मासूम नितिन लोहनी को चलती स्कूटी पर ही पीठ में गोली मार दी गई।
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इस गोलीकांड की घटना के बाद पिता अमित बिष्ट व जय दोनों सलाखों के पीछे हैं। अपने पिता के नक्शे कदम में चलने से जय का भी करियर बर्बाद हो गया। इधर, पुलिस गोलीकांड के चश्मदीद गवाह कमल भंडारी की भी भूमिका की जांच कर रही है।
साथ ही दरम्वाल परिवार का नाम सामने आने पर एक-एक करके इन लोगों के भी पुलिस बयान लेगी। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि गोलीकांड की जांच अभी जारी है। |
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