अब ‘रामलला एवं राम परिवार दर्शन’
लवलेश कुमार मिश्र, जागरण अयोध्या : राम मंदिर के प्रथम तल पर राजा के रूप में प्रतिष्ठित भगवान श्रीराम, माता जानकी व उनके अनुजों की प्रतिमाओं को अब सामूहिक रूप से ‘राम परिवार’ के नाम से जाना जाएगा।
पहले इसका संबोधन ‘राम दरबार’ के नाम से होता था। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब दर्शन पास पर भी यही नाम अंकित कराना शुरू कर दिया है। पास पर अब ‘रामलला एवं राम परिवार दर्शन’ लिखा जाने लगा है। पहले ‘रामलला एवं राम दरबार दर्शन’ अंकित रहता था।
राम मंदिर के भूतल पर बालस्वरूप में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को की थी। लगभग डेढ़ वर्ष बाद मंदिर के प्रथम तल पर ट्रस्ट ने राजा राम की प्रतिमा स्थापित कराई थी, जिसमें भगवान राम के साथ माता जानकी सिंहासन पर विराजमान हैं तो दाएं-बाएं शत्रुघ्न व लक्ष्मण खड़े हैं। चरणों में एक ओर अनन्य भक्त हनुमान जी, तो दूसरी ओर भ्राता भरत बैठे हैं।
इसकी प्राण प्रतिष्ठा गत वर्ष पांच जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। तभी से इसे सामूहिक रूप से राम दरबार के नाम से जाना जाता था। ट्रस्ट पदाधिकारी भी इसी नाम से संबोधन करते थे और दोनों प्रकार के दर्शन पास (सुगम व विशिष्ट) पर भी राम दरबार अंकित रहता था।
इधर, ट्रस्ट ने इसका नाम बदल कर ‘राम परिवार’ कर दिया है। अब पास पर भी यही नाम का अंकन होने लगा है। ट्रस्टी डा. अनिल कुमार मिश्र ने कहाकि दर्शन पास पर भले राम दरबार अंकित रहता रहा हो, परंतु ट्रस्ट ने तो इसे ‘राम परिवार’ का नाम दे रखा था। |
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