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राम के नाम से कुछ लोगों को चिढ़ क्यों? हापुड़ में जीरामजी पर बोले प्रभारी मंत्री कपिल देव

LHC0088 2026-1-10 22:56:44 views 909
  

जिला पंचायत अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष व तीनों विधायकों के साथ पत्रकार वार्ता करते प्रभारी मंत्री। जागरण



जागरण संवाददाता, हापुड़। प्रदेश के कौशल विकास व जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मनरेगा में कामगारों से कच्ची मिट्टी के कार्य कराए जाते थे। उसमें सौ दिन कार्य देना होता था। अब नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसको सुधार करके बेहतर बना दिया है, जिसका लाभ सीधे तौर पर कामगारों को मिलेगा। इसके साथ ही नाम में बदलाव होना तय था। अब इसको वीबी-जीरामजी के नाम से जाना जाएगा। भाजपा सरकार महात्मा गांधी का हृदय से सम्मान करती है। उनके चश्मा को स्वच्छता के प्रतीक के रूप में हमने लगाया है। पता नहीं कुछ लोगों को राम के नाम से इतनी चिढ़ क्यों है?

उन्होंने कहा कि विपक्ष योजना का नाम होने के बावजूद जीरामजी को मुद्दा बनाने में लगा है। हमको इसपर ध्यान नहीं देना है। गांव-गरीब, किसान और कामगार के हित में काम करते रहने में किसी नाम पर राजनीति का समय भाजपा के पास नहीं है। वह विकसित भारत-जी राम जी अभियान के जनजागरण को लेकर शनिवार को सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में बैठक कर रहे थे। उन्होंने भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अभियान को लेकर जानकारी दी।

पत्रकारों से बातचीत में प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों का उद्धार यह सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एजेंडे में शामिल है। देश विश्व की दूसरी सबसे बड़ी इकानामी कैसे और किस प्रकार बने, इसके लिए निरंतर अभियान चल रहे हैं।

उन्होंने विकसित भारत-गारंटी फाॅर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण को लेकर भी जानकारी दी, इसमें मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों के जरिए श्रमिकों को रोजगार देने और आय बढ़ाने वाली योजनाओं को लेकर जानकारी दी। इस दौरान जिलाध्यक्ष कविता सिंह, विधायक विजयपाल आढ़ती, विधायक धर्मेश तोमर, विधायक हरेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश तोमर, वरिष्ठ भाजपा नेता पुनीत गोयल, मोहन सिंह, श्यामेंद्र त्यागी व रालोद जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

उन्होंने बताया कि जीरामजी के रूप में सामने आने पर मनरेगा ज्यादा उपयोगी हो गई है। इससे एक ओर जहां लोगों को सौ दिन की बजाय 125 दिन रोजगार मिल सकेगा, वहीं मानदेय भी जल्द मिलेगा। हापुड़ में वत्तीय वर्ष 2024-25 में 6283 और 2025-26 में 5301 कामगारों को कार्य दिया गया है। यह लक्ष्य के सापेक्ष सौ प्रतिशत है। अब इसमें स्किल डेवलेपमेंट का भी शामिल किया जा रहा है। वहीं रोजगार का क्षेत्र बढ़ाया गया है। जिससे युवाओं का रुझान भी बढ़ाया जा सकेगा। वहीं फसल कटाई-गहाई के समय पर योजना पर ब्रेक रहेगा। जिससे फसल के सीजन में किसानों को कामगार आसानी से मिल सकें।
समन्वय बैठक में अधिकारियों की हुई शिकायत

प्रभारी मंत्री ने जिले के तीनों विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, डीएम अभिषेक पांडेय और एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह के साथ समन्वय बैठक की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी उपेक्षा करने का अधिकारियों पर आरोप लगाया। बैठक में गढ़ विधानसभा क्षेत्र के एक ब्लॉक प्रमुख ने एडीओ पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की है। वहीं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संबंधित कार्यों को जल्द कराने के मंत्री ने निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा पर कई आरोप लगाए गए

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा पर कई आरोप लगाए गए। जिला पंचायत के आरआइ संदीप शुक्ला ने आरोप लगाया कि वह आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। इसको लेकर एमएनए चिढ़ते हैं। उनको कच्छाधारी के नाम से पुकारते हैं। वहीं, नाथुराम गोडसे पर विचार रखने के लिए दबाव बनाते हैं।

जिला पंचायत अध्यक्षा रेखा हूण ने बताया कि वह बिना जानकारी के जिला छोड़कर चले जाते हैं। इस पर मंत्री ने उनको बुलाने का आदेश दिया। तब पता चला कि वह किसी अधिकारी को बिना सूचना दिए ही बरेली चले गए हैं। मंत्री ने जिलाधिकारी को कहा कि पंचायतीराज विभाग को एमएनए के खिलाफ रिपोर्ट भेजने को कहा। वहीं, एमएनए शिशुपाल शर्मा ने बताया कि बेवजह के आरोप लगाकर उत्पीड़न किया जा रहा है।

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