search

क्या बच्चों को ज्यादा लाड-प्यार बनाकर कर रहा है कमजोर? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Chikheang 9 hour(s) ago views 74
  

बच्चों की परवरिश: क्या अत्यधिक लाड-प्यार उन्हें कमजोर बना रहा है?  (Picture Credit- AI Generated)



सीमा झा, नई दिल्ली। स्कूल टीचर रीमा अपनी छह वर्षीया बिटिया आरना के स्कूल से आने वाले वाट्सएप मैसेज देखना नहीं भूलतीं। रीमा के पति गौरव भी अक्सर दफ्तर पहुंचकर अपनी बिटिया की गणित या विज्ञान की मुश्किलों को हल करने का समय निकाल लेते हैं। बच्चों की पढ़ाई ही नहीं, एक्सट्रा करिकुलर एक्टीविटीज से लेकर उनके खाने-पीने व बेहतर भविष्य की चिंता कितनी बड़ी हो चुकी है, इन सब आम होते परिदृश्यों से महसूस किया जा सकता है।  

बच्चों को बेस्ट बनाने की कवायदों में इंटरनेट मीडिया भी शामिल हो गया है। हाल ही में घोषित हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बच्चे छोटी उम्र में ही खास हो चुके हैं। तो जो चिंता आपको अपनी संतान से जुड़ी रहती है, क्या जिनके बच्चे सामान्य से अलग, असाधारण उपलब्धियां प्राप्त कर रहे हैं, उनको भी यह चिंता सताती है?
स्वयं राह खोज लेंगे बच्चे

झारखंड की 14 वर्षीया अनुष्का कुमारी में फुटबाल खेलने की ऐसी लगन रही कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाली मां की एक न सुनी। भाई को बुरा लगता जब वे लड़कों के साथ खेलतीं। मगर आज अनुष्का अंडर-17 महिला फुटबाल टीम में हैं। घर की आस व देश की उम्मीद हैं। उनकी मां कहती हैं, ‘आज पता चला कि उसका जुनून किस स्तर का था। बुरा लगता है कि उसे इतना रोका और सिर्फ पढ़ाई करने के लिए कहा। बच्चे को बस हौसला चाहिए, राह वे स्वयं निकाल लेंगे।’
बचना होगा तुलना से

कोंडागांव, छत्तीसगढ़ की 14 वर्षीया जूडो खिलाड़ी योगिता मण्डावी ने राष्ट्रीय स्तर पर खेलो इंडिया से अपनी पहचान बनाई, पदक जीते हैं। कम उम्र में अनाथ हो गईं तो बालिकागृह कोंडागांव की अधीक्षक व पैरेंटिंग कोच मणि शर्मा ने अपने संस्थान में उसे रखने का फैसला किया। उनके अनुसार, ‘जब से हमारे संस्थान से योगिता जैसे प्रतिभावान बच्चे निकल रहे हैं, तो अभिभावकों का फोन आता रहता है।  

कहते हैं आप अपने यहां हमारे भी बच्चे रख लें ताकि वह भी नाम करें। यह प्रवृत्ति बताती है कि अभिभावकों की लालसा कितनी बड़ी है और सबसे गलत प्रवृत्ति अपने बच्चों की दूसरों से तुलना करने की है। इससे बच्चे बहुत पीछे चले जाते हैं। होना यह चाहिए कि अभिभावक बच्चों पर अधिक नियंत्रण करने के बजाय, स्वयं पर नियंत्रण करें। वे गलतियां करें तो इसे हौवा न बनाएं, सहजता से हल करें।’
राकेट साइंस नहीं है परवरिश

औरंगाबाद, महाराष्ट्र के 17 वर्षीय किशोर अर्नव अनुप्रिया दिव्यांग हैं। एक सड़क दुर्घटना में दाहिना हाथ पक्षाघात ग्रसित हो गया तो एआइ आधारित ऐसा उपकरण बना लिया जिससे उनके जैसे लोगों को मदद मिल सके। उनके इनोवेशन को भारत सरकार द्वारा पेंटेंट कापीराइट किया गया है। अर्नव में इतनी संवेदनशीलता और साहस कहां से आया? इस पर उनकी मां अनुप्रिया बताती हैं, ‘बच्चे गीली मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें हम जैसा परिवेश देते हैं, वे उसमें ढल जाते हैं।  

परवरिश इसलिए भी कठिन लगती है क्योंकि अब बच्चों को अत्यधिक पैंपर किया जाता है और इस क्रम में एक वक्त ऐसा भी आता है जब माता-पिता उसके आगे नतमस्तक हो जाते हैं। यहीं बच्चों की बेहतरी का रास्ता बंद हो जाता है । हमने बस यही सोचा है कि वह एक अच्छा इंसान बने क्योंकि इससे बढ़कर कुछ नहीं।’
टीमवर्क है यह

बेंगलुरू, कर्नाटक की 15 वर्षीया दीनिधि देसिंघु को एक समय पानी में उतरने से डर लगता था लेकिन उसने स्वयं इस डर को चुनौती दी और पेरिस ओलिंपिक में देश का नाम रोशन किया। दीनिधि की मां जोसिथा बताती हैं, ‘एक सामान्य अभिभावक की तरह ही उसके भविष्य की चिंता रही है, लेकिन यह चिंता कभी जाहिर नहीं होने दी।’  

पिता देसिंधु के अनुसार, ‘वह मुझे अपना रोल माडल मानती है, कहती है कि पापा जब आप अपनी जिंदगी में इतने उतार-चढ़ाव देखकर आज यहां हो तो मैं क्यों नहीं? छोटी उम्र से ही स्वयं तैराकी के अभ्यास के लिए तड़के उठ जाती और अपना सौ प्रतिशत देती है। दरअसल, पैरेंटिंग एक टीम वर्क है। इसमें माता-पिता के साथ-साथ परिवार के अन्य लोग व वे सभी लोग शामिल हैं, जो आपको बच्चे को आगे ले जाने में मदद करते हैं।’

यह भी पढ़ें- मेरा कोई दोस्त नहीं...अगर बच्चा स्कूल से आकर रोने लगे, तो पेरेंट्स घबराएं नहीं, बस अपनाएं 8 तरीके

यह भी पढ़ें- फिटनेस या करियर ही नहीं, नए साल पर सेट करें \“पेरेंटिंग के गोल्स\“, रिश्तों में आ जाएगी खुशियों की बहार
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
150216

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com