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करनाल स्वास्थ्य विभाग की बड़ी जीत, HIV पॉजिटिव माताओं ने दिए स्वस्थ बच्चों को दिया जन्म

deltin33 Yesterday 14:26 views 266
  

दवाओं ने भेद दिया एड्स का व्यूह, पीड़िताओं ने दिया स्वस्थ बच्चों को जन्म



राकेश चौहान, करनाल। एड्स को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयासों का पाजीटिव परिणाम सामने आने लगे हैं। दवाइयों ने एड्स कवच को बेद दिया है। एड्स पाजीटिव गर्भवती महिलाओं ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। पांच साल यानी 2020 से 2025 तक जिले में 1504 महिला व पुरुष एड्स पाजिटिव मिले हैं। इनमें 87 गर्भवती महिलाएं हैं। पिछले वर्ष 2025 की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग ने 44 हजार 435 मरीजों का चेकअप किया।

इनमें से 240 एड्स पाजिटिव मरीज मिले हैं। वहीं 12 हजार 421 गर्भवती महिलाओं का चेकअप किया है। उनमें से 10 महिलाएं एड्स पाजिटिव मिली है। जिन्होंने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष ने बताया कि एड्स, एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम है जो एचआइवी यानी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस से फैलता है। यह एक गंभीर बीमारी है। यह वायरस शरीर की उन कोशिकाओं को नष्ट कर देता है जो संक्रमण से लड़ती है।
सन (Year)कुल गर्भवती महिलाएं (Total)कुल टेस्ट (Test)पॉजिटिव (Positive)
2020-202147,89224422
2021-202255,18729924
2022-202370,90137412
2023-202475,47134719
2024-202544,43524010


ये है एड्स होने के मुख्य कारण

- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
- संक्रमित रक्त और सुई से

इनसे नहीं होता एड्स
- हाथ मिलाने, गले लगने, शौचालय साझा करने, खांसने या छींकने से।
- मच्छरों या अन्य कीड़ों के काटने से।
- पानी या भोजन साझा करने से।
- एक ही गिलास, प्लेट या चम्मच का उपयोग करने से।

एड्स के लक्षण :
- बुखार और ठंड लगना।
- थकान और कमजोरी महसूस होना।
- सूजी हुई लिम्फ नोड्स: गर्दन, बगल या कमर में ग्रंथियों में सूजन।
- गले में खराश और सिरदर्द।
- त्वचा पर लाल चकत्ते या घाव।
- रात में पसीना आना।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
- वजन घटना और मांसपेशियों का कम होना।
- दस्त व बार-बार संक्रमण

डॉ. मनीष ने बताया कि एड्स संक्रमित मरीज को विभाग की ओर से 2250 रुपये हर महीने दिए जाते हैं लेकिन वह मरीज बीपीएल होना चाहिए यानी उनकी सालाना इनकम 1.80 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एड्स मरीज को समय पर दवा लेनी चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।

करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम निरंतर मरीजों को एचआईवी टेस्ट करती है। इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयास के कारण गर्भवती महिलाओं के बच्चे एड्स पाजिटिव नहीं मिले है। वह स्वस्थ है। इस लिए लोगों से अपील है कि वह अपना टेस्ट अवश्य कराएं और एचआइवी पाजिटिव आने पर दवाई लें। जिससे एड्स को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। लोगों को सावधानी भी बरतनी होगी।
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