जागरण संवाददाता, इटावा। शहर कोतवाली क्षेत्र के छिपैटी मुहल्ले में शनिवार शाम दस वर्षीय मासूम बालिका का शव झोपड़ी के अंदर संदिग्ध हालातों में फांसी के फंदे पर लटका मिलने पर सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्वजन समेत मुहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने झोपड़ी के भीतर बालिका का शव लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्वजन और स्थानीय लोगों ने शव को फंदे से उतार लिया। मां ने बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
शहर के पहली इमली छिपैटी मुहल्ले के रहने वाले संजय बाल्मीकि की 10 वर्षीय बेटी आयुषी का शव संदिग्ध हालात में शनिवार की शाम झोपड़ी नुमा मकान में दुपट्टे के सहारे लटका मिला। बताया गया कि घटना के समय बालिका घर पर अकेली थी। उसकी मां सपना कूड़ा बीनने के लिए बाहर गई हुई थी।
बच्चों के साथ खेलने गया था भाई
वहीं, छोटा भाई मुहल्ले में दूसरे बच्चों के साथ खेलने निकल गया था। शाम को जब मां वापस लौटी तो पड़ोसियों ने बेटी के फांसी लगाने की जानकारी दी इस पर मां बदहवास होकर दौड़ते हुए घर पहुंची, लेकिन इससे पहले उसके शव को उतारा जा चुका था, यह देखकर वह जोर-जोर से रोने लगी। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। मृतका की मां ने बेटी की हत्या की आशंका जताई है।
उसका कहना है कि मासूम बेटी का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती। मां का आरोप है कि किसी व्यक्ति ने उसकी बेटी की हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया है। इस बयान के बाद पुलिस मामले की गंभीरता से जांच रही है।
प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। उन्होंने बताया कि फारेसिंक टीम को मौके पर बुलाकर जांच पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बालिका की मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। प्रथम दृष्टया जिस तरह के हालत में शव मिला है उससे आत्महत्या ही प्रतीत हो रहा है। |