नई दिल्ली। भारत में खाने-पीने की आदतें तेजी से बदल रही हैं। अब लोग घर के बने खाने से ज्यादा पैक्ड और रेडी-टू-इट (Ready-to-Eat) चीजों को पसंद कर रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फूड सेक्टर एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है।
क्या कहती है रिपोर्ट?
मोतीलाल ओसवाल के रिपोर्ट के मुताबिक भारत में फूड सेक्टर का आकार वित्त वर्ष 2024 में करीब ₹86.8 लाख करोड़ का था, जो 2027 तक बढ़कर ₹109.6 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं इसमें से 35% हिस्सा फूड प्रोसेसिंग का है, जो सबसे तेजी से बढ़ रहा है।
पैक्ड फूड का बाजार और भी तेजी से बढ़ रहा है। खासकर नमकीन, बिस्कुट, कन्फेक्शनरी और रेडी-टू-इट फूड का बाजार, जो 2024 में ₹3.6 लाख करोड़ का था, 2029 तक ₹6.3 लाख करोड़ का हो जाएगा।
क्यों बढ़ रही है मांग?
लोगों की कमाई बढ़ रही है और वे अब ब्रांडेड और सुविधाजनक चीजों पर खर्च कर रहे हैं। शहरों में रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। 2030 तक भारत की 41% आबादी (करीब 61 करोड़ लोग) शहरों में रहेगी। भागदौड़ भरी जिंदगी की वजह से छोटे परिवार और समय की कमी के कारण लोग जल्दी तैयार होने वाले खाने को तवज्जो दे रहे हैं। ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो ऐप्स ने पैक्ड फूड को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
Bikaji Foods शेयर प्राइस टारगेट
इस बढ़ते बाजार में बिकाजी फूड्स (Bikaji Foods International Share Price) एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। बिकाजी अपनी बीकानेरी भुजिया, नमकीन, मिठाई और पापड़ के लिए मशहूर है। अब कंपनी वेस्टर्न स्नैक्स, फ्रोजन फूड और गिफ्टिंग में भी कदम रख रही है।
बिकाजी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ा रही है और नए बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। मोतीलाल ओसवाल ने बिकाजी फूड्स का टारगेट प्राइस 900 रुपये तय किया है, जो इसके सुनहरे भविष्य का संकेत है। अभी इसका शेयर प्राइस 702 रुपये पर है। इसका मार्केट कैप ₹17,594 है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।) |