(प्रतीकात्मक फोटो)
संवाद सूत्र, जागरण. लावड़ (मेरठ)। जिले में कामन सर्विस सेंटर संचालन में अनियमिताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत मानकों के अनुरूप कार्य न करने वाले जिले के 192 जनसेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
सीएससी के जिला प्रबंधक प्रभांशु आत्रेय ने बताया कि जिन केंद्रों पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रापर ब्रांडिंग, सीएससी बोर्ड और सेवाओं की निर्धारित दरों की सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी, उन पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में अब केवल वे ही केंद्र संचालित किए जाएंगे, जो सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।
जिला प्रबंधक के अनुसार बिना ब्रांडिंग और रेट लिस्ट वाले केंद्रों को चिन्हित कर बंद किया जा रहा है। यह अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के नाम पर की जा रही अतिरिक्त वसूली से बचाना और वास्तविक सीएससी केंद्रों की पहचान सुनिश्चित करना है। विभाग ने सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि किसी भी केंद्र पर अनिवार्य ब्रांडिंग या रेट चार्ट में लापरवाही पाई गई तो बिना पूर्व सूचना के पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। सीएससी सेवा में निर्धारित दरों पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएससी संचालकों के लिए होगा अनिवार्य
अब सीएससी संचालकों को बायोमैट्रिक के जरिए ईकेवासी भी करनी होगी। जो केवाईसी नही करेगा उसको अनुपस्थित मानते हुए कार्य करने पर कार्रवाई होगी। वहीं केंद्र संचालक को अब चरित्र प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। जिससे पता चलेगा की संचालक पर कोई आपराधिक केस तो नही चल रहा। बताया कि प्रतिदिन अभियान चलाया गया है और केंद्र बंद किए जा रहे है आगे भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। |