उग्र हाथी को पकड़ने में लगा है वन विभाग। (जागरण)
मो. तकी, चाईबासा। ओडिशा के सिमलीपाल वन्यजीव अभ्यारण्य से निकलकर अपने पारंपरिक कॉरिडोर के तहत हर वर्ष हाथियों का दल झारखंड व ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में विचरण करता है लेकिन इस बार पश्चिमी सिंहभूम जिले में 20 लोगों की मौत का जिम्मेदार एक नर हाथी अपने साथी से मिलन (मैटिंग) के प्रयास में 25 हाथियों के झुंड से बिछड़कर इधर-उधर भटक रहा है।
शुक्रवार की रात उक्त हाथी बेनीसागर के रास्ते सिमलीपाल वन्यजीव अभ्यारण्य के रूट पर आगे बढ़ा था। बेनीसागर से सिमलीपाल की दूरी महज 16 किलोमीटर है, लेकिन ओडिशा वन विभाग व पुलिस की टीम ने दो बार हाथी को खदेड़कर झारखंड की सीमा में वापस भेज दिया।
इससे नर हाथी अपने साथी तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे वह और अधिक उग्र होता जा रहा है। इस बीच, पश्चिमी सिंहभूम जिले में 20 लोगों को मौत के घाट उतारने वाले हमलावर हाथी का अंतिम लोकेशन शनिवार को मझगांव प्रखंड के हल्दिया जंगल क्षेत्र में मिलने की जानकारी वन विभाग को मिली है।
इसकी पुष्टि करते हुए चाईबासा वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य नारायण ने बताया कि हाथी की तलाश में वन विभाग की पूरी टीम लगी हुई है। उन्होंने बताया कि झारखंड–ओडिशा सीमा क्षेत्र बेनीसागर में वन विभाग की टीम पहले से तैनात थी।
ग्रामीणों से लगातार सूचना मिल रही थी कि हाथी विभिन्न गांवों में देखा गया है, लेकिन मौके पर पहुंचने पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इसके बाद आधा दर्जन से अधिक गांवों और जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
अंततः अनुमान के आधार पर हाथी के हल्दिया जंगल की ओर जाने की सूचना मिली है, हालांकि इसकी पूरी तरह पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। फिलहाल वन विभाग की टीम ने हल्दिया जंगल अंतर्गत पोंडुवाबुरु गांव में कैंप स्थापित किया है। वन विभाग का दावा है कि इस बार पूरी तैयारी के साथ अभियान चलाया जा रहा है और जल्द ही हाथी को काबू में कर लिया जाएगा। |
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