नौकरी के नाम पर युवकों से ठगी (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। सोशल मीडिया पर आकर्षक वेतन वाली नौकरी का लालच देकर युवाओं से ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपितों ने झारखंड और असम के युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर खंडवा जिले में स्थित बोरगांव क्षेत्र में बुलाया और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर उनसे नकदी और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस को यह मामला संगठित ठगी गिरोह से जुड़ा होने का संदेह है।
फरियादी सतीश कुमार, निवासी ग्राम तिलैडीह, थाना बरही, जिला हजारीबाग (झारखंड) ने पुलिस को बताया कि इंटरनेट पर दिए गए एक विज्ञापन में 50 हजार रुपये मासिक वेतन पर कंपनी में नौकरी का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल करने पर फोन उठाने वाले ने अपना नाम ‘बरसात’ बताया और 20 हजार रुपये ज्वाइनिंग फीस मांगी। आरोपित ने भरोसा दिलाया कि नौकरी लगने के बाद यह राशि वापस कर दी जाएगी।
सतीश अपने दोस्त नवीन कुमार के साथ 7 जनवरी को ट्रेन से खंडवा पहुंचा और 9 जनवरी को बोरगांव आया। वहां एक मोटरसाइकिल सवार युवक उन्हें ‘सेठ’ से मिलवाने के बहाने सुनसान इलाके में ले गया। मौके पर पहले से मौजूद छह अन्य युवकों ने सतीश से 10 हजार रुपये छीन लिए और उसके मोबाइल डेटा के साथ भी छेड़छाड़ की। इसके बाद उन्हें डोंगरगांव बस स्टैंड छोड़ दिया गया और धमकाते हुए कहा गया कि उन्हें कोई नौकरी नहीं मिलेगी और चुपचाप वापस चले जाएं।
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इसी दौरान असम निवासी प्रदीप बोरा भी वहां पहुंचा, जिसने बताया कि उससे भी नौकरी के नाम पर 27 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए और मोबाइल से डेटा डिलीट कर दिया गया। इसके अलावा सतीश के मोबाइल फोन से भी 5,900 रुपये ट्रांसफर किए जाने की पुष्टि हुई है।
पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी करने वाले आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।
प्राथमिक जांच में बिलखेड़ी सराय के कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली थी, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
-रामप्रकाश यादव, चौकी प्रभारी, बोरगांव |
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