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संवाद सहयोगी, झंझारपुर (मधुबनी) । पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले और इससे जुड़ने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के लिए निबंधन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया परेशानी का सबब बनती जा रही है। कई जगहों पर जमीन की जमाबंदी अपडेट नहीं होने के कारण किसान पोर्टल पर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, जिससे पात्र होते हुए भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह समस्या अब बड़ी संख्या में किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
सरकार चला रही शिविर, फिर भी पूरी नहीं हो पा रही ई-केवाईसी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि पाने वाले किसानों की संपुष्टि के लिए सरकार व्यापक स्तर पर शिविर लगाकर किसान निबंधन और ई-केवाईसी करा रही है। इसके बावजूद आंकड़ों पर नजर डालें तो कहीं भी निबंधन और ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूरी नहीं हो पाई है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लाभार्थियों को हो रही है, जिनकी जमीन की जमाबंदी पिता, दादा या अन्य परिजनों के नाम पर है।
जमाबंदी नियम बना बड़ी बाधा
पहले के नियमों के तहत वंशावली या अन्य दस्तावेजों के आधार पर किसान योजना का लाभ ले रहे थे, लेकिन अब नए नियमन के अनुसार केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलेगा जिनके नाम से स्वयं की जमाबंदी कायम है। झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्र में अब भी अधिकांश परिवारों की जमाबंदी संयुक्त है, जिसका खामियाजा किसानों को शिविरों में भुगतना पड़ रहा है।
लखनौर में ई-केवाईसी और निबंधन की स्थिति चिंताजनक
आंकड़ों के अनुसार लखनौर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कुल 10,719 लाभार्थी किसान हैं। इनमें से अब तक केवल 3,913 किसानों ने ई-केवाईसी कराया है, जबकि 7,509 किसानों की ई-केवाईसी अब भी लंबित है। वहीं, मात्र 1,500 किसानों ने ही निबंधन कराया है। इससे स्पष्ट है कि पहले जहां एक परिवार के एक से अधिक सदस्य योजना का लाभ ले रहे थे, वहां अब संख्या में कमी आना तय है।
झंझारपुर में शिविर जारी, प्रशासन जुटा
झंझारपुर में पहले योजना का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या करीब 8,200 है, जिनमें से 5,492 किसानों ने ई-केवाईसी करा ली है। हालांकि देर रात तक आंकड़ों में बढ़ोतरी संभव है।
निबंधन को लेकर सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं हो सका। सीओ प्रशांत कुमार झा ने बताया कि रविवार को 554 किसानों ने निबंधन कराया, जबकि पूर्व के शिविरों का आंकड़ा वे उपलब्ध नहीं करा सके। इधर, लखनौर के दीप पश्चिम में सीओ रीतू सोनी, आरओ और मुखिया प्रतिनिधि मो. कलाम राइन शिविर में लगातार मौजूद रहकर किसानों का निबंधन कराते नजर आए। |