लोहिया पुल भागलपुर।
जागरण संवाददाता, भगलपुर। लोहिया पुल से अलीगंज के बीच प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। टेक्निकल बिड खोली गई है, जिसमें छह एजेंसियों ने भाग लिया है। इनमें मुंगेर के निरंजन शर्मा, बाबा कंस्ट्रक्शन, राजवीर कंस्ट्रक्शन, जमुई के बाल कृष्ण भालोटिया, जेवी कंस्ट्रक्शन और सृष्ट कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। सभी एजेंसियों के टेक्निकल बिड का मूल्यांकन टेंडर कमेटी द्वारा किया जाएगा। केवल सफल ठेका एजेंसियों के फाइनेंशियल बिड खोले जाएंगे, जिसके बाद सबसे कम दर देने वाली एजेंसी को निर्माण कार्य का आदेश दिया जाएगा।
- वित्तीय बिड खुलने के बाद शुरू हो जाएगा सड़क निर्माण कार्य
- सड़क बनने से ट्रैफिक का दबाव होगा कम, जाम से मिलेगी राहत
बहुप्रतीक्षित थी परियोजना
यह परियोजना लंबे समय से प्रतीक्षित थी, क्योंकि यह मार्ग शहर के व्यस्ततम हिस्सों में से एक है और यहां अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न होती है। विभाग ने इस परियोजना के लिए 50.17 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि निर्धारित की है और निर्माण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फोरलेन सड़क के निर्माण से लोहिया पुल और अलीगंज के बीच आवागमन सुगम होगा, जिससे ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि टेक्निकल बिड का मूल्यांकन किया जा रहा है।
फोरलेन मरीन ड्राइव निर्माण की प्रक्रिया में आई तेजी मुंगेर के सफियासराय से भागलपुर के सबौर के बीच बिहार कैबिनेट द्वारा स्वीकृत मरीन ड्राइव निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। फोरलेन मरीन ड्राइव के अलाइनमेंट पर शनिवार को महेशी पंचायत के कल्याणपुर, दमोदरपुर मौजा में सैकड़ों जगह पिलर गाड़ा गया। मरीन ड्राइव को लेकर दियारा के गांवों में खासकर कल्याणपुर और कोदराभिट्टा आदि गांवों के ग्रामीण काफी खुश हैं। वे लोग बताते हैं कि सड़क से गांव जुड़ जायेगा। पहले से इस गांव को कोई पक्की सड़क नही है। मुख्य सड़क से दियारा क्षेत्र के सैकड़ों गांव कोसों दूर हैं। बाढ़ और गंगा कटाव का दंश हर साल दियारा के लोग झेलते है। कल्याणपुर के ग्रामीण शशिकांत मंडल, रिकू मंडल, मिथलेश मंडल आदि ने बताया कि दियारा के सबसे सुदूर इलाका मे पहली बार कोई हाई लेवल का सड़क मार्ग होगा।
फोरलेन मरीन ड्राइव निर्माण की प्रक्रिया में आई तेजी दियारा इलाके के लिये यह वरदान साबित होगा। यहां के फसल को लेकर मुख्य सड़क पर जाने मे बहुत परेशानी होती हैं। दियारा के गांव भी अब मुख्य बाजार से जुड़ जायेगा। जिससे यहां के किसानों को फसल का उचित मूल्य समय पर मिलेगा। दियारा क्षेत्र में निर्माण कार्य को लेकर टीम ने निरीक्षण किया। मरीन ड्राइव निर्माण को लेकर कई जगहों पर किसानों ने विरोध जताया। वे चाहते हैं कि उपजाऊ भूमि पर निर्माण नही हो।
दियारा के ग्रामीणों में छाई खुशी, कुछ किसानों ने जताया विरोध बिहार सरकार के पास गंगा किनारे काफ़ी भूमि बेकार पड़ी हुई है। उक्त जमीन पर निर्माण फोरलेन कार्य होने से किसानों की उपजाऊ जमीन बच जायेगी। किसानों ने बताया कि जमीन पर पिलर लगाने से पहले नोटिस नही दिया है। अचानक आकर पिलर लगा रहे है।
अलाइनमेंट पर गाड़े गए सैकड़ों पिलर मुआवजा राशि तय हो उसके बाद कार्य करने दिया जायेगा। मरीन ड्राइव की टीम ने बताया कि पश सुलतानगंज के बाद करीब पचास किमी तक सुदूर दियारा इलाका मे सड़क का निर्माण होगा। जमीन चिन्हित का प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। पिलर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी जांच का कार्य होगा।मरीन ड्राइव निर्माण से दियारा इलाका का सफर करनेवाले लोग नजारा देख सकेंगे।दियारा इलाके का आधारभूत संरचना का विकास तो होगा ही,साथ मे जो गांव सड़कों से वंचित है उसे सीधे सड़क से जुड़ जायेगा। |
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