जागरण संवाददाता, देवरिया। आखिरकार अवैध मजार जमींदोज हो गया। मजार गिराने के लिए रविवार को करीब चार घंटे तक बुलडोजर गरजते रहे। इस दौरान मजार के आसपास और गोरखपुर-देवरिया मार्ग ओवरब्रिज पर बड़ी संख्या में पुलिस मुस्तैद रही। पूरा मजार परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
मजार पर माथा टेकने आने वाले लोग और राहगीर भी दूर से मजार के गिरने का दृश्य देखते रहे। जहां पर भी लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही थी। पुलिस हल्का बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ रही थी। मजार समिति के लोग मजार तोड़े जाने के दौरान प्रशासन और पुलिस के सहयोग में मजार के समीप बैठे रहे।
गोरखपुर ओवरब्रिज से सटे अब्दुल गली शाह बाबा मजार व कब्रिस्तान बना था। सदर विधायक डा. शलभ मणि त्रिपाठी की शिकायत पर जांच में पता चला कि सरकारी जमीन में मजार का निर्माण कराया गया है।
प्रक्रिया के तहत इसे मजार समिति के लोगों को गिराने व अतिक्रमण हटाने का आदेश जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने दिया। उसी क्रम में दोपहर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम श्रुति शर्मा मजार पर सीओ संजय कुमार रेड्डी, तहसीलदार केके मिश्र, कोतवाल विनोद कुमार सिंह के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंची। कुछ ही देर में तीन बुलडोजर भी पहुंच गए।
उसके बाद मजार के भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई। सबसे पहले ओवरब्रिज के नीचे से प्रथम तल से दो बुलडोजर भवन को गिराना शुरू किए। सामने रखी गई कई दुकानों व टिनशेड को गिराने के बाद नीचे बने शौचालय को तोड़ा। उसके बाद हाल की दीवारों उसके बीम व छत को धराशाई किया।
उधर, एक बुलडोजर सड़क से मुख्य गेट व सीढ़ियों को तोड़ने में लगा था। करीब दो घंटे बाद एक बुलडोजर को ओवर ब्रिज पर भेजा गया और मस्जिद के मुख्य गुंबद को तोड़ा। इस बीच अंधेरा होने के कारण बुलडोजर की कार्रवाई को रोक दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि शेष मजार के भवन को अगले दिन दिन उजाले में गिराया जाएगा।
मजार के समीप तैनात किए गए थे 250 पुलिसकर्मी, डेढ़ सेक्सन पीएसी
मजार को गिराने के दौरान सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया था। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका खींचा था और उसी के तहत पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। मजार की तरफ आने वाले सभी मार्गों को अवरुद्ध कर दोपहर से ही पुलिस तैनात कर दी गई।
तैनात 18 सब इंस्पेक्टरों को अलग-अलग दिशाओं में पुलिस बल के साथ जिम्मेदारी सौंपी गई। तैनात 250 पुलिस कर्मियों में 80 पुलिस कर्मी हथियारों से लैस थे।
इसके अलावा डेढ़ सेक्सन पीएसी तैनात रही। बड़ी संख्या में लेखपालों को भी तैनात किया गया था। डीएम दिव्या मित्तल अधिकारियों के माध्यम से हर गतिविधि की सूचना ले रही थी।
गुंबद गिराने के दौरान गोरखपुर ओवरब्रिज पर एक घंटे बाधित रहा आवागमन
मजार का मुख्य गुंबद गिराने के दौरान करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। दोनों तरफ दो चारपहिया व चार पहिया वाहनों को रोक दिया गया। दोनों तरफ से यात्री पैदल ओवर ब्रिज से होकर गए।
30 मिनट बाद दो पहिया वाहनों को किनारे से आने-जाने की छूट पुलिस ने दी। एक घंटे बाद गुंबद गिर गया। उसके बाद आवागमन बहाल किया गया। उधर, मजार के नीचे से सोमनाथ मंदिर मार्ग पर भी दोपहर से ही आवागमन को पूरी तरह बाधित कर पुलिस तैनात किया गया था। इसे रात में खोला गया।
मजार के साथ युवाओं ने ली सेल्फी
मजार को टूटता देख कुछ युवाओं को मजार के साथ सेल्फी लेते देखा गया। कई महिलाएं जो यहां रोज माथा टेकने आती थीं वह दूर से मजार को टूटते हुए एक टक देखती रहीं।
आसपास के घरों पर बड़ी संख्या में लोग दो मंजिला व चार मंजिला छतों पर चढ़कर मजार को गिराने की कार्रवाई को देखते रहे और उसका वीडियो बनाते रहे। जब तक मजार टूटने की कार्रवाई चली लोग आसपास मुस्तैद रहे।
सपा जिलाध्यक्ष से कोतवाल की नोकझोक
मजार गिराने की सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव मौके पर पहुंचे। इस यहां प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यहां राजनीति न करिये। धारा 144 लगी है। सपा जिलाध्यक्ष से मजार समिति के लोगों ने भी कहा कि पुलिस प्रशासन को अपना काम करने दीजिए।
कृपया कोई राजनीति यहां न करिए। उसके बाद सपा जिलाध्यक्ष एसडीएम से वार्ता के बाद वहां वापस लौट गए। इसकी मौके पर चर्चा होती रही। |
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