जागरण संवाददाता, मेरठ। रविवार को कपसाड़ कांड के आरोपित पारस सोम को भारी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। चेहरे को मफलर से ढके पारस सोम को एसीजेएम-7 कोर्ट में न्यायाधीश सावन कुमार के सामने पेश किया गया। उन्होंने पारस के चेहरे से मफलर हटवाया।
फिर उसका नाम पता पूछा। पारस ने अपना नाम बताया। उसके अपराध के बारे में पूछा तो पारस ने कहा कि वह बेकसूर है, उसने कुछ नहीं किया। लगाए गए आरोप गलत है।
शनिवार को रूड़की के चूडियाला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए पारस सोम व रूबी को देर रात पुलिस लेकर पहुंची। यहां पुलिस लाइन में उससे पूछताछ की गई। एसएसपी डा. विपिन ताडा, एसपी देहात अभिजीत सिंह के अलावा सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने पारस व रूबी से अलग-अलग पूछताछ की।
रविवार दोपहर लगभग दो बजे रूबी को पुलिस ने चुपचाप एसीजेएम-2 नम्रता सिंह के न्यायालय में ले जाकर बयान दर्ज कराए।50 मिनट तक उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए। शाम 4.45 बजे पारस को एसीजेएम-7 के सामने पेश किया गया।
उन्होंने पारस को पुलिस के आरोपों की जानकारी दी। पारस ने कहा कि वह बेकसूर है। उसे फंसाया गया है। सुनीता की हत्या व अन्य आरोपों के बारे में उसे कुछ नहीं पता। इसके बाद वह चुप हो गया।
इस दौरान सरकारी वकील संजीव गुप्ता ने पारस को अनुसूचित जाति की महिला हत्या व बेटी के अपहरण का आरोपित बताते हुए जेल भेजने की मांग की। पारस की ओर से कोई अधिवक्ता उसकी पैरोकारी को पेश नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय ने पारस को जेल भेजने का आदेश दिया।
कचहरी में पारस सोम की पेशी को देखते हुए सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ सिविल लाइंस अभिषेक तिवारी व सीओ सरधना आशुतोष कुमार कचहरी में जमे हुए थे।
पुलिस बल के अलावा महिला पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए थे। कचहरी में अवकाश के बाद भी काफी लोग, अधिवक्ता व मीडियाकर्मी मौजूद रहे। पारस को जेल भेजने के बाद पुलिस उसे लेकर जिला जेल पहुंची तथा वहां उसे दाखिल कराया।
एक आपराधिक घटना को बृहद संघर्ष की ओर मोड़ने के समस्त प्रयासों विफल हुए। पुलिस एवं विवेचना अधिकारी साक्ष्य के आधार पर विवेचना कर रहे हैं। गांव में सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थिति शांति पूर्ण है।
कलानिधि नैथानी डीआइजी
------
लोकेश |
|